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बस सेवा की कमी पर बिफरी छात्राएं, मैहड़ा-झोझू रोड को किया जाम

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चरखी दादरी/झोझूकलां।
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बस सेवा की कमी पर बिफरी मैहड़ा की छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बुधवार सुबह मैहड़ा-झोझूकलां रोड को जाम कर दिया। छात्राओं को आश्वस्त करने पहुंची रोडवेज विभाग की टीम ने उन्हें वीरवार से ही कितलाना-झोझूकलां रूट पर बस चलाने का आश्वासन दिया। रोडवेज टीम का आश्वासन मानकर ग्रामीण और छात्राओं ने करीब एक घंटे बाद जाम खोला। वहीं, इसके बाद ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल करवाकर झोझूकलां थाना पुलिस टीम वापस लौटी। छात्राओं का कहना है कि एक बार पहले भी उन्हें जाम लगाना पड़ा था और उसके बाद बस सेवा शुरू हुई थी, जो अब दोबारा से बंद है।
मैहड़ा गांव की प्रतिदिन करीब 30 छात्राएं झोझूकलां क्षेत्र के कॉलेज व स्कूलों में पढ़ाई करने जाती हैं। इस रूट पर बस या सवारी वाहनों की संख्या भी कम है और इसके चलते छात्राओं को कई बार तो पैदल ही स्कूल तक पहुंचना पड़ता है। बस सेवा की कमी दूर न होने पर छात्राओं का सब्र बुधवार सुबह जवाब दे गया। गांव के अड्डे पर एकत्र हुईं छात्राओं और उनके परिजन साढ़े आठ बजे मैहड़ा-झोझूकलां रोड पर उतर आए। उन्होंने रोड को जाम कर दिया। करीब पंद्रह मिनट बाद झोझूकलां थाना पुलिस टीम और दादरी डिपो से एक टीम मौके पर पहुंची।
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आश्वासन: कितलाना-झोझूकलां रूट पर चलेगी बसें -
ग्रामीणों और छात्राओं ने एक लहजे में कहा कि सुबह स्कूल लगने के समय और दोपहर को छुट्टी के समय छात्राओं के लिए विशेष बस चलाई जाएं। इस पर रोडवेज टीम ने आश्वासन देते हुए कहा कि वीरवार से दादरी डिपो की एक बस कितलाना-झोझूकलां रूट पर चला दी जाएंगी। यह बस कितलाना, छपार, बरसाना, रासीवास, बिरही, डोहकी व मैहड़ा की छात्राओं को सुबह के समय शिक्षण संस्थाओं तक पहुंचाएगी। इस आश्वासन के बाद साढ़े नौ बजे ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
भिवानी डिपो की आ रही एक बस, पैर रखने की भी नहीं होती जगह -
ग्रामीण विनय मैहड़ा, लीला, नवीन, संदीप, विनोद, देवीलाल, आशीष, सतबीर, राजेश व मांगे आदि ग्रामीणों ने बताया कि कितलाना-झोझू रूट पर इस समय एक ही बस चल रही है और वो भिवानी डिपो की है। उन्होंने कहा कि इस रूट पर दादरी डिपो की बस भी चलनी चाहिए। एक ही बस चलने से उसमें भीड़ रहती है और मैहड़ा पहुंचते-पहुंचते बस में पैर रखने की जगह भी नहीं बचती। ऐसे में छात्राओं को पैदल ही शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना पड़ रहा है।
छात्राएं बोलीं: घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचने की डगर नहीं आसान -
छात्रा प्रीति, ममता, रितू, ज्योति, दीपांशी, सुदेश, मंजीत और नीलम आदि ने बताया कि भिवानी डिपो की बस में भीड़ होने के चलते वो चढ़ नहीं पाती। सुबह के बाद दोपहर के समय भी ये ही स्थिति रहती है और इसके चलते कई बार उन्हें पैदल ही यह दूरी तय करनी पड़ती है। छात्राओं ने बताया कि उनके लिए घर से स्कूल और स्कूल से वापस घर पहुंचने की डगर आसान नहीं है।
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जाम की सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई थी। छात्राओं ने टीम के समक्ष बस चलाने की मांग रखी थी और इस पर हमने वीरवार सुबह से ही बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। बुधवार को भी हमने एक पिंक बस छात्राओं के लिए भेजी।
- रविश हुड्डा, जीएम, चरखी दादरी डिपो।
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