नौ डिग्री न्यूनतम तापमान के बीच चरखी दादरी की रविदास नगर धर्मशाला में संचालित प्राइमरी पाठशाला के 81 विद्यार्थियों को बाहर निकालने का मामला सामने आया है। शिक्षिकाओं ने इसका आरोप रविदास सभा पदाधिकारियों पर लगाया है जबकि सभा पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षिका के कहने पर ही विद्यार्थी पाठशाला से बाहर गए। वहीं, पाठशाला प्रभारी ने सभा पदाधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्रधानाचार्य की मार्फत शिकायत उच्चाधिकारियों को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। रविदास सभा पदाधिकारियों ने प्रशासन से धर्मशाला को खाली करने की मांग की है।
दरअसल, पांच फरवरी को रविदास जयंती है। इसके चलते रविदास सभा के पदाधिकारियों ने 24 जनवरी से लेकर 7 फरवरी तक पाठशाला के विद्यार्थियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। शिक्षा विभाग को इस संबंध में मांगपत्र सौंपने के बाद भी विद्यार्थियों की शिफ्टिंग नहीं की। इससे नाराज रविदास सभा के पदाधिकारी बुधवार सुबह करीब नौ बजे वहां पहुंचे। इसी दौरान वहां मौजूद शिक्षिकाओं के साथ उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद पाठशाला पहुंचे पहली से पांचवीं के विद्यार्थियों को गेट से बाहर निकाल दिया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर विद्यार्थियों को बाहर निकालने का आरोप लगाया।
पाठशाला प्रभारी अनीता ने बताया कि सभा पदाधिकारियों के विद्यार्थियों को बाहर निकालने की जानकारी मिलते ही शहीद दलबीर सिंह मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य सुरेश यादव मौके पर पहुंचे और करीब 40 मिनट बाद उन्होंने विद्यार्थियों को अंदर भेज दिया। इसके बाद सभा पदाधिकारियों ने दोबारा विद्यार्थियों को बाहर निकाल दिया। उन्होंने बताया कि करीब एक घंटे तक विद्यार्थी ठंड में बाहर खड़े रहे। पाठशाला प्रभारी का कहना है कि स्टाफ के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और इसके चलते उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत भी की है।
एक-दूसरे पर यूं लगाए आरोप
सुबह विद्यार्थियों और शिक्षिकाओं को पाठशाला प्रांगण से बाहर निकाला गया। प्रिंसिपल ने मौके पर पहुंचकर हमें अंदर प्रवेश कराया। इसके बाद दोबारा से बाहर निकाल दिया गया। गत 19 दिसंबर के बाद से ही रविदास सभा के पदाधिकारी परेशान कर रहे हैं। कभी वो अंदर बैठकर हुक्का पीते हैं तो कभी धर्मशाला खाली करने का दबाव बनाते हैं।
- अनीता, प्रभारी, रविदास नगर पाठशाला
स्वयं शिक्षिका ही बच्चों को लेकर बाहर गई थीं। किसी भी पदाधिकारी ने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। दरअसल, कई साल से धर्मशाला भवन मरम्मत मांग रहा है और यह कार्य कराने के लिए हमने डीसी से पाठशाला को स्थानांतरित कराने की मांग की थी। रविदास जयंती को लेकर 24 जनवरी से 7 फरवरी तक विद्यार्थियों को शिफ्ट करने की मांग भी पूरी नहीं की गई।
- केदारनाथ सरोहा, प्रधान, रविदास सभा