चरखी दादरी। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन भी परिवहन समेत सफाई और पेयजल आपूर्ति पर असर देखने को मिला। पिछले दो दिनों से शहर से कचरे का उठान नहीं होने से 60 टन कचरा सड़कों व गलियों में बिखरा है। इसके चलते लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ी। दूसरी ओर हड़ताल की कॉल पूरी होने पर मंगलवार शाम रोडवेज के पहिये विभिन्न रूटों पर घूमने से यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली।
हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी कर्मचारियों ने शहर में रोष मार्च निकाला। इससे पहले कर्मचारी बस स्टैंड परिसर में एकत्र हुए। हड़ताल के मद्देनजर बस स्टैंड पर 50 से अधिक पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। रोष मार्च निकालने से पहले कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर हमला बोला। वहीं, कर्मचारियों ने सोमवार को कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा प्रयोग की गई भाषा पर भी कड़ा रोष जताया। कमलेश भैरवी ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स के प्रति कृषि मंत्री ने जो शब्द प्रयोग किए, वो असहनीय और पीड़ादायक हैं। दूसरी ओर हड़ताल के मद्देनजर जिले में दूसरे दिन भी 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।
हड़ताल में स्वास्थ्य विभाग का क्लेरिकल स्टाफ भी शामिल हुआ और इसके चलते फाइलों का निपटान नहीं हो पाया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना दिया। वहीं, नप कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना देकर रोष जताया। हड़ताल में रोडवेज के करीब 600, नगर परिषद के 200, शिक्षा विभाग के 200, बिजली निगम के सौ, बैंकों के 350, एक हजार से अधिक आंगनबाड़ी वर्कर्स, 400 से अधिक आशा वर्कर्स शामिल हुईं।
जानिए....हड़ताल का किस सेवा पर क्या रहा असर
1- रोडवेज: सुबह के समय पांच रूटों पर बसें चलाई गईं जबकि सोमवार रात को भी सात रूटों पर बसों का संचालन किया। मंगलवार को रोडवेज अधिकारियों ने लोहारु-जयपुर, दादरी-जयपुर, दादरी-नारनौल, दादरी-दिल्ली व दादरी-कनीना रूट पर बसों का संचालन किया। दो दिन की हड़ताल से रोडवेज को करीब 18 लाख का नुकसान हुआ है।
2- नगर परिषद : शहर से प्रतिदिन करीब 30 टन कचरा निकलता है। पिछले दो दिनों से शहर से कचरे का उठान नहीं हुआ। नगर परिषद के करीब 200 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और इनमें 30 चालक भी हैं। चालक हड़ताल पर रहने से 23 ऑटो टीपर और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं चल पाए, जिसके चलते डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा भी प्रभावित रही।
3- स्वास्थ्य विभाग : दो दिवसीय हड़ताल में स्वास्थ्य विभाग का क्लेरिकल स्टाफ भी शामिल हुआ। करीब 40 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहने से कार्यालय की फाइलों का निपटान नहीं हो पाया। हालांकि मेडिकल स्टाफ हड़ताल में शामिल नहीं हुआ और इसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कोई असर देखने को नहीं मिला।
4- बैंक : दूसरे दिन भी सरकारी बैंकों के 300 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकारी बैंकों में प्रतिदिन करीब 150 करोड़ का लेन-देन होता है, लेकिन बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से लेन-देन प्रभावित रहा। बैंक अधिकारियों के अनुसार दो दिन की हड़ताल से जिले में करीब 300 करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ और उपभोक्ताओं को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
हड़ताल से लोग हुए परेशान, नहीं पहुंच पाए गंतव्य स्थान पर
- मैं सुबह नौ बजे दादरी बस स्टैंड पर आया था और मुझे नारनौल जाना है। डेढ़ घंटे से बस स्टैंड पर खड़ा हूं, लेकिन बस नहीं मिली है। मेरा नारनौला पहुंचना बेहद जरुरी है।
मोनू, नारनौल निवासी
- मैं आज सुबह किसी काम के चलते लोहारु से दादरी आया था। करीब एक घंटे से बस स्टैंड पर खड़ा हूं, लेकिन लोहारु के लिए बस नहीं मिली है। काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मुकेश, लोहारु निवासी