संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की कमी बनी है। सिविल अस्पताल की बात करें तो 165 प्रकार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर 83 प्रकार की और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर 138 प्रकार की दवाओं की कमी है।
रूई का स्टॉक भी खत्म होने के कगार पर है। गर्भवती महिलाओं की दवाओं समेत एंटी बायोटिक का स्टॉक खत्म है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय बजट की डिमांड भेज दी गई है। वहीं, दवाओं की खरीद स्थानीय स्तर पर खरीदने की तैयारी भी शुरू कर दी है। जल्द ही दवाओं की कमी दूर कर दी जाएगी।
बता दें कि जिले में सिविल अस्पताल समेत मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 12 पीएचसी हैं। जिले के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ और दवाओं का टोटा है। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। जिले की दैनिक ओपीडी करीब 2200 रहती है। सिविल अस्पताल की ओपीडी 1200 रहती है, जबकि मातृ-शिशु अस्पताल की ओपीडी 170, एक सीएचसी की ओपीडी 100 और पीएचसी की ओपीडी 45 रहती है। इन सभी 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी बनी होने से मरीज परेशान है।
पड़ताल में सामने आया कि पूर्व में खरीदी गई दवाओं का करीब 50 लाख का बजट अब तक नहीं मिला है।इसके चलते दवाओं की स्थानीय स्तर पर भी खरीद नहीं हो पा रही। दूसरी ओर वेयर हाऊस में भी दवाओं की कमी है। कुछ दवाएं तो ऐसी हैं जो 17 स्वास्थ्य केंद्रों के स्टॉक से खत्म हो चुकी है और कुछ खत्म होने के कगार पर है। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय बजट की मांग भेज दी है। करीब 50 लाख के पुराने भुगतान के लिए भी बजट मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद दवाओं की खेप मरीजों के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुहैया करवा दी जाएगी।
जानिये...किस स्वास्थ्य केंद्र पर क्या है दवाओं के स्टॉक की स्थिति
सिविल अस्पताल में 511 प्रकार की दवाओं का प्रावधान है। यहां 346 प्रकार की दवा का स्टॉक में उपलब्ध हैं। एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 429 प्रकार की दवाओं का प्रावधान है, जबकि 346 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 246 प्रकार की दवाओं का प्रावधान है जबकि उपलब्धता 130 प्रकार की दवाओं की है।
पीएचसी पर स्टाफ की भी कमी, 450 से अधिक रहती है ओपीडी
जिले के एक पीएचसी पर प्रतिदिन उपचार के लिए 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। इस लिहाज से सभी 12 पीएचसी पर प्रतिदिन 450 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और स्टाफ की कमी के चलते एक पीएचसी से प्रतिदिन पांच से सात मरीज सीएचसी या सिविल अस्पताल रेफर किए जाते हैं।
हर सीएचसी के अधीन हैं 4 पीएचसी
. रानीला, सांवड़, अचीना और इमलोटा पीएचसी बौंदकलां सीएचसी के अधीन हैं।
. बलकरा, माईकलां, संतोकपुरा और मानकावास पीएचसी झोझूकलां सीएचसी के अधीन हैं।
. हड़ोदी, बाढड़ा, छपार और कादमा पीएचसी गोपी सीएचसी के अधीन आते हैं।
दवाओं की कमी जल्द दूर हो जाएगी। हमने मुख्यालय बजट की मांग भेज दी है। वेयर हाऊस डिमांड भेजने के साथ दवाओं की स्थानीय स्तर पर खरीद की भी तैयारी है। पुराने भुगतान का जो मामला था वो भी जल्द सुलझा जाएगा। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी