इतना ही नहीं मौजूदा कार्यकारिणी की शहरी विकास को लेकर अब तक महज चार बैठक ही आयोजित हुई है। इन बैठक में 300 से अधिक प्रस्ताव तो पास किए गए, लेकिन इनमें से 50 प्रस्तावों पर भी काम नहीं हुआ। समय पर नगर परिषद कार्यालय में बैठक न होने से शहरी विकास प्रभावित है जबकि एक लाख की आबादी परेशान है।
ऐसे में प्रशासन को भी इस तरह ध्यान देकर शहरी विकास कार्याें की रफ्तार बढ़ानी चाहिए। इस समय भिवानी-चरखी दादरी डीएमसी का पदभार दादरी एडीसी डॉ. जयेंद्र सिंह के पास है। हाल ही में उनके निर्देशों पर अफसरों की कोठियां चमकाने वाले कर्मचारी हटाकर सड़कों व गलियों में लगाए गए है। डॉ. जयेंद्र सिंह से इसी तर्ज पर शहरी विकास को रफ्तार देने संबंधी निर्णय लेने की उम्मीद शहरवासी कर रहे हैं।
बता दें कि दादरी नगर परिषद की मौजूदा कार्यकारिणी का गठन जून 2022 में हुआ था। नियमानुसार चेयरमैन और अधिकारियों की मौजूदगी में पार्षदों की बैठक हर माह होनी चाहिए, लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से ऐसा नहीं हो रहा है। अब तक डेढ़ साल में महज चार बैठक आयोजित हुई हैं। जिनमें उनमें पास किए गए ज्यादातर प्रस्तावों पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। संवाद
- वित्तीय और भुगतान कमेटी गठन में हुई काफी देरी
विकास कार्याें को लेकर सरकार की ओर से नई हिदायतें दी गई हैं। इनके अनुसार वित्तीय और भुगतान कमेटी का गठन अनिवार्य है। दादरी नगर परिषद की बात करें तो एक साल बाद ये दोनों कमेटी गठित हो पाई हैं। वहीं, अधिकारियों का तर्क है जटिल प्रक्रिया होना भी विकास कार्यों की रफ्तार धीमी होने का कारण है।
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अब तक करीब डेढ़ करोड़ का ही हुआ काम
पिछले डेढ़ साल की बात करें तो धरातल पर कोई बड़ा विकास कार्य शुरू नहीं करवाया गया है। इस समय अवधि में 25-25 लाख के तीन चरणों में मरम्मत कार्य करवाए गए हैं। इसके अलावा कुछ कार्य डी-प्लान के तहत हुए है। पंचनद चौक से कॉलेज रोड चौक का सड़क निर्माण कार्य नगर परिषद ने जरूर करवाया है। वहीं, इस समय नगर परिषद के खाते में 15 करोड़ की राशि है।
- दो धड़ों में बंटे पार्षद, बढ़ रही आपसी खींचतान
दादरी नगर परिषद में 21 पार्षद हैं। इस समय पार्षद दो धड़ों में बंटे हुए हैं। एक पक्ष चेयरमैन बक्शीराम सैनी समर्थक है जबकि दूसरा विरोधी। इन दोनों धड़ों की गुटबाजी भी शहरी विकास को बाधित कर रही है। हालांकि पार्षद विकास कार्य ठप होने का मुद्दा लगाकर उठा रहे हैं, लेकिन बावजूद उनके प्रयास रंग नहीं ला पा रहे हैं।
विकास कार्याें के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है और इसके अनुसार वित्तीय व भुगतान कमेटी का गठन अनिवार्य है। दोनों कमेटी गठित की जा चुकी हैं और अब जल्द ही शहरी विकास को रफ्तार मिलेगी। पार्षदों की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद