संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 11 साल पहले सूडान में शहीद हुए सूबेदार मेजर धर्मेश सांगवान की पत्नी भारती ने बेटे को सेना में भेजकर पति के सपूने को साकार कर दिया। अब बेटा ना सिर्फ सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहा है और नौकायन खिलाड़ी पिता की राह पर चलते हुए इस खेल में भी उम्दा प्रदर्शन भी कर रहा है। पुत्र की आंखों में पिता के सपने को बसाने की यह कहानी वीरांगना के उन संघर्षों का प्रतिफल है, जिसने प्रतिकूल परिस्थिति में परिवार को संभाला और नौकरी की परवाह न कर बेटे-बेटी के कॅरियर में ही सब कुछ देखा। आज वीरांगना भारती का बेटा अंकित सैनिक है तो बेटी अनु एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद धर्मेश सांगवान की वीरांगना भारती देवी ने बताया कि किस तरह पति की मौत के बाद उसने खुद को और अपने बच्चों को संभाला। भारती देवी ने बताया कि पति धर्मेश सांगवान 19 दिसंबर 2013 को शहीद हुए थे। उस समय बेटा अंकित 13 साल का था। मौत से पहले पति कहते थे कि बड़ा होने के बाद बेटे को सेना में भेजना है। उनकी शहादत के बाद पति के इस बात को मैंने गांठ बांध ली।शहीद की पत्नी होने के नाते राज्य सरकार ने चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दी थी। उसे नहीं की। उसके बाद यह नौकरी धर्मेश के भाई कपिल को दे दी गई। मैं बेटा अंकित व बेटी अनु के कॅरियर में ही पति का सपना और परिवार का भविष्य देखने लगी। बेटा-बेटी को दिल्ली में पढ़ाया। बेटा अंकित एक साल पहले जनवरी 2023 में राजपूतान राइफल में भर्ती हो गया। बेटी अनु एमबीबीएस कोर्स कर रही है। भारती कहती हैं-धर्मेश नौकायन के खिलाड़ी थे। अब बेटा अंकित की भी उनकी राह पर चलते हुए नौकायन का खिलाड़ी बन गया है। धर्मेश के साथी कोच ने ही अंकित को नौकायन खेल सिखाया है।
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बेटे अंकित के साथ शहीद सूबेदार धर्मेश सांगवान की पत्नी आरती। स्रोत : स्वयं