चरखी दादरी। संतोकपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दबिश दी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पहुंची टीम को यहां छह कर्मचारी गैरहाजिर मिले। करीब 40 मिनट पीएचसी में रुकने के बाद टीम वापस चली गई। इसके साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि सुबह 9:40 पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। औचक निरीक्षण के लिए बाढड़ा बीडीपीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इनकी मौजूदगी में सुबह 10:20 तक कार्रवाई चली।
टीम जब पीएचसी पर पहुंची तो वहां प्रभारी एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. नेहा सहारण उपस्थित नहीं मिली। उन्होंने ऑनलाइन छुट्टी के लिए आवेदन किया हुआ था। पीएचसी में कंप्यूटर ऑपरेटर रविंद्र कुमार हाजिर मिला। उसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ की सूची मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को मुहैया करवाई। रविंद्र ने बताया कि डॉ. नेहा सहारण के पास डीडीओ झोझूकलां का अतिरिक्त कार्यभार है, इसलिए आज वो यहां पर नहीं आई हैं। इसके बाद जब सूची के मुताबिक हाजिर स्टाफ को चेक किया गया तो 13 कर्मचारियों में से 7 कर्मचारी हाजिर मिले और 6 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। डॉ. सपना की ओर से ऑनलाइन सीएल अप्लाई की हुई बताई गई। निरीक्षण के बाद टीम लौट गई।
एक दिन में तीन जगह दबिश से मचा हड़कंप
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता मंगलवार को दिनभर सक्रिय रहा। सुबह संतोकपुरा पीएचसी से इसकी शुरुआत हुई और उसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बौंदकलां में दो भवनों का निरीक्षण कर निर्माण सामग्री के सैंपल लिए। दिनभर की गई कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट निरीक्षण के दौरान टीम के साथ मौजूद रहा। वहां सूची अनुसार स्टाफ की जांच की गई तो 6 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। पीएचसी प्रभारी ने छुट्टी का आवेदन ऑनलाइन किया हुआ था। करीब 40 मिनट तक कार्रवाई चली। - करतार सिंह, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट।