संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर के दोनों जलघरों के टैंक खाली होने से शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। आलम ये है कि किसी वार्ड में चार दिन तो किसी वार्ड में 7 दिन बाद भी आपूर्ति का इंतजार है। जिन वार्डों पर पानी पहुंच रहा है, वह अपर्याप्त और खारा है। मजबूरीवश लोग पानी के टैंकर खरीदकर काम चला रहे हैं।
नगर पार्षदों की मानें तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टैंक खाली होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि 15 मई के बाद नहरों में पानी आने के बाद ही समस्या का समाधान संभव है।
शहर के 60 फीसदी क्षेत्र में चंपापुरी जलघर से और 40 फीसदी में रामनगर जलघर से पेयजल आपूर्ति की जाती है। दोनों जलघरों की भंडारण क्षमता कम होना शहर में पेयजल संकट गहराने का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा फिलहाल चंपापुरी जलघर परिसर में पेयजल परियोजना के तहत काम चल रहा है और इसके चलते पिछली नहरी टर्म पर यहां के दो क्षतिग्रस्त टैंक नहीं भरे गए। इस कारण अगली नहरी टर्म आने से 10 दिन पहले ही जलघर के टैंक खाली हो गए। शहर की बात करें तो पिछले एक सप्ताह से लोग पेयजल संकट झेल रहे हैं। पेयजल संबंधी समस्या को लेकर पार्षद लगातार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें से संपर्क कर रहे हैं। इसके बाद किसी वार्ड में कुछ देर के लिए ट्यूबवेल के खारे पानी की आपूर्ति हो जाती है तो कई वार्डों में वो भी नहीं हो पाती।
किस वार्ड में क्या है स्थिति
वार्ड-एक की बात करें तो चौथे दिन सोमवार सुबह कुछ देर के लिए वार्ड में खारे पानी की आपूर्ति हुई है। कुछ गलियां वार्ड की ऐसी भी हैं जिनमें चौथे दिन भी पानी नहीं पहुंच पाया। इसी प्रकार वार्ड-2 में पिछले 7 दिनों से पेयजल की आपूर्ति नहीं हुई है। वार्ड के मौजिज लोगों की मानें तो उनके वार्ड में तो ट्यूबवेल के खारे पानी की आपूर्ति भी नहीं की गई। वार्ड-9 में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। यहां पेयजल वॉल्व की समस्या बनी है इसके कारण टैंकों में पानी होने के बाद भी यहां अपर्याप्त आपूर्ति होती है। वार्ड-17 में भी पिछले 7 दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इन चार वार्डाें के करीब 25 हजार लोग इस समय पेयजल संकट झेल रहे हैं।
टैंकरों की बढ़ी मांग, 700 रुपये पहुंचा रेट
पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण शहर में पेयजल टैंकरों की मांग बढ़ गई है। नगर पार्षदों की मानें तो पहले जहां वार्ड में एक दिन में चार से पांच टैंकर डलते थे, तो वहीं अब इनकी संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। पानी के टैंकर का रेट 700 रुपये है। इसके अलावा लोग पीने के लिए 15 रुपये का कैंपर खरीदने को भी विवश हैं।
पार्षद बोले- अधिकारियों दे रहे नहरों में 15 के बाद पानी आने का जवाब
चंपापुरी क्षेत्र में पेयजल संकट बना हुआ है। सोमवार को चौथे दिन आपूर्ति हुई, लेकिन उसमें भी खारा पानी घरों में पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि नहरों में पानी आने के बाद समाधान होगा। - जयसिंह लांबा, पार्षद, वार्ड-1
गांधी नगर में पिछले 7 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। लोग अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करने को विवश हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। - मुनेश दहिया, पार्षद, वार्ड-2
वार्ड में इस समय पेयजल संकट गहराया हुआ है। आलम ये है कि कुछ गलियों में तो पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा। - विनोद सिंहमार, पार्षद, वार्ड-9
वार्ड-17 में पेयजल संकट गहराया हुआ है। अधिकारियों से कई बार बात कर चुका है, लेकिन बावजूद इसके सात दिन बाद भी आपूर्ति नहीं हुई है। लोगों को जेब ढीली कर टैंकर डलवाकर काम चलाना पड़ रहा है।
सुधीर स्वामी, पार्षद, वार्ड-17।