हड़ताल पर सीवरमैन, सीवर व्यवस्था ठप
सात माह से वेतन नहीं मिलने पर 302 कर्मचारियों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
- जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कार्यालय के समक्ष दिया धरना
हड़ताल पर रहे सीवरमैन, सीवर समस्याओं के समाधान से किया किनारा
- जनस्वास्थ्य विभाग के 302 कर्मचारियों को पिछले सात माह से नहीं मिला है वेतन, वीरवार से एक्सईएन कार्यालय के समक्ष शुरू किया अनिश्चिकालीन धरना
- 250 वाटर वर्क्स कर्मचारियों ने भी तीन दिन के अंदर भुगतान न होने पर जिले में पेयजल आपूर्ति बाधित करने की दी चेतावनी
चरखी दादरी। सात माह का वेतनमान न मिलने से खफा जिले के 52 सीवरमैन वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। वहीं, वाटर वर्क्स के करीब 250 कर्मचारियों ने भी उनके समर्थन में सांकेतिक हड़ताल की और तीन दिन के अंदर उनका और सीवरमैन का भुगतान न होने पर जिले में पेयजल आपूर्ति बाधित करने की चेतावनी दी है। जनस्वास्थ्य विभाग के इन 302 कर्मचारियों का करीब दो करोड़ 13 लाख रुपये का भुगतान विभाग की तरफ बकाया है। वहीं, दूसरी ओर वीरवार को सीवर समस्याओं का समाधान न होने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा।
वीरवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग में तैनात सीवरमैन और वाटर वर्क्स कर्मचारी कार्यालय में एकत्र हुए और एक्सईएन कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर वेतनमान देने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि दो दिन पहले एक दिन का धरना देकर उन्होंने 17 फरवरी तक भुगतान न होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी और इसके बाद भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि दो करोड़ से अधिक का वेतनमान बकाया पड़ा है और पिछले सात माह से सीवरमैन और वाटर वर्क्स के कर्मचारी परेशान हैं।
वहीं, धरनास्थल पर मौजूद वाटर वर्क्स कर्मचारियों ने ऐलान किया कि वीरवार को तो पेयजल आपूर्ति जिले में सुचारु रखी गई है, लेकिन अगले तीन दिन के अंदर भुगतान नहीं किया गया तो फिर सभी वाटर वर्क्स कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाएंगे और सीवर के साथ जिले में पेयजल आपूर्ति भी बाधित कर दी जाएगी। वीरवार को 52 सीवर मैन के हड़ताल पर जाने से सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया और शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़े। ये सीवरमैन शहर में प्रतिदिन 20 से अधिक मैनहोल साफ करते हैं और वीरवार को हड़ताल के चलते ये कार्य भी नहीं हो पाए। सीवरमैन ने बताया कि वीरवार को उन्होंने न तो सीवर की मोटरें चलाईं और न ही सीवर मैनहोल की सफाई की।
- अधिकारियों का तर्क : ट्रेजरी में भेज चुके फाइल
विभाग के एक्सईएन एसके त्यागी का कहना है कि कर्मचारियों के भुगतान की फाइल ट्रेजरी ऑफिस भेजी जा चुकी है। जल्द उनका भुगतान होने की उम्मीद है। सात में से पांच माह के भुगतान के लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दो माह के बकाये भुगतान की फाइल जल्द ट्रेजरी ऑफिस भेज दी जाएगी।
- 2.13 करोड़ का भुगतान यूं है बकाया
धरना देने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सीवरमैन को प्रतिमाह 12 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह 9700 रुपये वेतनमान दिया जाता है। इस लिहाज से जिले के 52 सीवरमैन का 43 लाख 68 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले 250 कर्मचारियों का एक करोड़ 69 लाख 75 रुपये का भुगतान बकाया है। इस लिहाज से इनकी भुगतान राशि दो करोड़ 13 लाख रुपये बनती है।
- ये है कर्मचारियों की मांगें
बकाया वेतनमान का भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों की एसीआर पूरी की जाए। साबुन भत्ते का भुगतान जल्द किया जाए और जूतों की भत्ता राशि भी कर्मचारियों को दी जाए। मेडिकल बिलों का रुका भुगतान किया जाए और जलघरों की अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी को दूर किया जाए।
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