चरखी दादरी। मानसून सिर पर है जबकि शहर के दोनों एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) ठप है। दूसरी ओर जिला प्रशासन की समसपुर के समीप तालाब बनाकर सीवर लाइनों के पानी निकासी की योजना को भी अब झटका लगा है। हाल ही में समसपुर ग्राम पंचायत तालाब निर्माण के विरोध में उतर आई है। इसी के विरोध में मंगलवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। ऐसे में अब तालाब निर्माण की अड़चन अगर दूर नहीं होती है तो फिर मानसून के दौरान शहर में हालात बिगड़ सकते हैं।
बता दें कि दूषित पानी की निकासी के लिए शहर में दो एसटीपी बनाए हुए है। दिल्ली रोड और चिड़िया रोड एसटीपी ठप है। इसके चलते पिछले दो साल से सीवर लाइनों का पानी सीसीआई परिसर में डाला जा रहा था। नगर पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए बांध बनाकर सीसीआई परिसर में की जा रही पानी निकासी पहले ही बंद करवा दी थी। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित विभाग को दूषित पानी के समायोजन के लिए समसपुर के समीप एक तालाब बनाने के निर्देश दिए थे, ताकि एसटीपी ठीक होने तक शहर की सीवर लाइनों का पानी वहां तक डाला जा सके।
प्रशासन के निर्देशों पर अमल करते हुए विभाग ने गत सप्ताह ही जगह को समतल कराने का काम शुरू किया था। इस बारे में पता चलते ही समसपुर ग्राम पंचायत ने आमसभा बुलाई और उसमें हालातों पर मंथन किया गया। इस दौरान सहमति बनी की गांव की जमीन पर ये तालाब बनने दिया जाए। आम सभा में निर्णय लिया गया कि इसके विरोध में प्रस्ताव पास किया जाए और जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाए। पंचायत में तय हुए कार्यक्रम अनुसार ग्राम पंचायत ने तालाब बनाने के विरोध में प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया है।
एसटीपी की समस्या झेल रहे अब तक, तालाब बनने पर छोड़ना पड़ेगा गांव
कुलदीप पंच, राकेश, सुभाष, राजेश, विरेंद्र, धर्मेंद्र, संदीप, राहमेर, टोनी, धर्मबीर, कंवर सिंह, समे कुमार, सोनू, रमेश, रामकुमार आदि ने बताया कि सरपंच नीतू कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। एसटीपी के चलते ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं और अब अगर गांव में दूषित पानी डालने के लिए तालाब और बनाया जाता है तो उन्हें गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
- एडीसी से मिला सकारात्मक आश्वासन
पंच कुलदीप और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने एडीसी डॉ. जयेंद्र सिंह से मुलाकात कीऔर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एडीसी से तालाब निर्माण की कवायद बंद कराने की अपील की गई। ग्रामीणों ने बताया कि एडीसी की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया गया। वहीं, ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वो किसी भी कीमत पर तालाब नहीं बनने देंगे।