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हिदायत मिलने के बाद भी स्कूल में बुलाए प्राइमरी विंग के विद्यार्थी, एसडीएम ने मारा छापा

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यदुवंशी स्कूल में मौजूद प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। - फोटो : CharkhiDadri
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ताक पर नियम : छठी से नौवीं कक्षा के लिए स्कूल खोलने पर असमंजस, प्राइमरी की लग रही क्लास
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मंदोला के यदुवंशी स्कूल में एसडीएम ने मारा छापा, कक्षाओं में बिना मास्क पढ़ते मिले 30 से 35 विद्यार्थी
स्कूल संचालक और प्राचार्य के खिलाफ एसडीएम ने झोझूकलां थाने में दी शिकायत, डीईओ ने दी थी एसडीएम को सूचना
चरखी दादरी। कोरोना की तीसरी लहर के कारण प्रदेश सरकार भले ही छठी से नौंवी कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने को लेकर असमंजस में है, मगर कुछ स्कूल संचालक प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को बुलाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही मामला मंदोला स्थित यदुवंशी शिक्षा निकेतन स्कूल में देखने को मिला। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम विरेंद्र सिंह स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो कक्षाओं में प्राइमरी विंग के बच्चे पढ़ते मिले।
हैरानी की बात है कि यहां कोविड-19 सुरक्षा नियमों की भी धज्जियां उड़ रही थी और अधिकतर बच्चों के चेहरों से मास्क गायब थे। छह दिन में दूसरी बार प्रशासन की ओर से इस स्कूल का निरीक्षण किया गया और दोनों दफा रोक के बावजूद बच्चे पढ़ते मिले। एसडीएम ने स्कूल संचालक और प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए झोझूकलां थाना पुलिस को शिकायत दी है। एसडीएम ने बताया कि यह हरियाणा राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन है और ऐसे में स्कूल संचालक और प्रिंसिपल के खिलाफ राज्य आपदा प्रबंधक प्राधिकरण एक्ट की धारा 51 से 60 के तहत बच्चों की जान जोखिम में डालने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम विरेंद्र सिंह यदुवंशी स्कूल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर कोरोना से बचाव के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। एसडीएम को निरीक्षण के दौरान स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा के करीब 30 से 35 विद्यार्थी हाजिर मिले। एसडीएम ने बताया कि गत तीन फरवरी को भी डीईओ जेपी सभ्रवाल ने इस स्कूल का निरीक्षण किया था और उस दौरान भी पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूल में मौजूद पाए गए थे। उस दौरान डीईओ की तरफ से स्कूल प्रबंधन समिति को हिदायत दी गई थी और स्कूल संचालक और प्रिंसिपल की तरफ से भविष्य में सरकार व विभाग के निर्देशों की पालना करने और पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूल न बुलाने का आश्वासन दिया गया था।
एसडीएम ने पुलिस शिकायत में बताया कि आठ फरवरी की सुबह डीईओ की मार्फत उन्हें सूचना मिली कि यदुवंशी स्कूल में हिदायत देने के बाद भी प्राइमरी विंग के विद्यार्थी बुलाए जा रहे हैं। इसके आधार पर एसडीएम खुद मौका देखने पहुंचे और उन्हें प्राइमरी विंग के विद्यार्थी वहां हाजिर मिले। एसडीएम विरेंद्र सिंह ने बताया कि कक्षाओं में जाकर जब निरीक्षण किया गया तो विद्यार्थियों के अलावा शिक्षक भी बिन मास्क मिले। इतना ही नहीं एक कक्षा में 30 से 35 विद्यार्थी हाजिर मिले। वहीं, कक्षाओं में कोविड से बचाव की भी कोई सुविधा नहीं पाई गई।
कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया जवाब
मंगलवार सुबह स्कूल में कक्षाएं लगने की सूचना मिलने के बाद डीईओ जेपी संभ्रवाल ने एसडीएम को तत्काल पत्र लिखा। इसमें बताया गया कि सकूल संचालक की ओर से हिदायतों की बार-बार अवहेलना की जा रही है। सरकार के निर्देशों के बावजूद प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने पर जो कारण बताओ नोटिस दिया गया था, उसका भी जवाब अब तक नहीं दिया गया है।
प्राथमिक पाठशाला में भी बुलाए गए विद्यार्थी
मंगलवार को बधवाना गेट स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में भी बच्चे पहुंचे। संवाददाता के पड़ताल करने पर पता चला कि ये बच्चे एक एनजीओ ने बुलाए हैं। इस संबंध में जब डीईओ जेपी संभ्रवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल स्टाफ ने किसी बच्चे को नहीं बुलाया। अगर एनजीओ की ओर से बच्चे बुलाए गए हैं तो एनजीओ उनके अधीन नहीं है।
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डीईओ की सूचना के आधार पर मैंने मंदोला स्थित यदुवंशी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चे हाजिर मिले। इस पर संज्ञान लेते हुए मैंने पुलिस को शिकायत दे दी है।
- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, चरखी दादरी
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