चरखी दादरी। ग्रैप-3 के तहत लगी पाबंदी हटते ही जिले में क्रशरों के संचालन समेत खनन व निर्माण कार्याें पर लगी रोक हट गई है। वहीं, अब निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन भी आवागमन कर सकेंगे। ग्रैप-3 हटने पर क्रशर संचालकों समेत ट्रांसपोर्टर्स ने राहत की सांस ली है जबकि श्रमिकों की रोजगार की चिंता दूर हो गई है। खनन विभाग की ओर से क्रशरों व माइनिंग जोन में गतिविधियों पर लगी रोक हटाने की पुष्टि की गई है।
बता दें कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर 3 नवंबर को ग्रैप-3 लागू होने पर जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने क्रशर व माइनिंग जोन को बंद करवा दिया था। इसके अलावा निर्माण कार्याें व भवन निर्माण सामग्री लेकर जाने वाले भारी वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगाई गई थी। चार नवंबर से जिले में इन आदेशों की पालना सुनिश्चित की गई थी।
वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बिजली निगम से क्रशरों की आपूर्ति बंद रखने की सिफारिश की गई थी। जिला प्रशासन के आदेश पर प्रदूषण और खनन विभाग की टीम ने ग्रैप-3 के नियमों का उल्लंघन करने पर एक क्रशर संचालक और एक सीमेंट फैक्टरी के दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया था।
मंगलवार शाम ग्रैप-3 हट गया है और फिलहाल ग्रैप-2 लागू है। इसके मद्देनजर जिले के माइनिंग और क्रशर जोन की गतिविधियों पर लगी रोक हट गई हैं।
- 9 माइनिंग जोन और 260 क्रशर हैं संचालित
दादरी जिले में 9 माइनिंग जोन हैं जिनमें करीब 260 क्रशर संचालित हैं। जिले से निर्माण सामग्री लेकर प्रतिदिन करीब पांच हजार भारी वाहन जाते हैं। प्रतिदिन लाखों टन भवन निर्माण सामग्री दादरी से दूसरे जिलों और प्रदेशों में भेजी जाती है। दादरी खनन विभाग की मार्फत सरकार को हर साल करीब ढाई से तीन अरब का राजस्व प्राप्त होता है।
- 20 हजार श्रमिकों की रोजी-रोटी का संकट दूर
क्रशर व माइनिंग जोन से करीब 20 हजार श्रमिकों को काम मिला हुआ है और ज्यादातर श्रमिक प्रवासी हैं। क्रशर और खनन गतिविधियां बंद होने से इन श्रमिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट बना हुआ था। ग्रैप-3 हटने के बाद अब ये संकट भी दूर हो जाएगा। दादरी जिले के क्रशर जोन में उत्तर-प्रदेश, मध्य-प्रदेश, बिहार और राजस्थान के श्रमिक काम करते हैं।
- 156 एक्यूआई रहा प्रदूषण का औसतन स्तर
दो दिन पहले हुई बारिश के बाद जिले में प्रदूषण का स्तर काफी कम हुआ है। गत सोमवार को जिले में प्रदूषण का औसतन स्तर 300 से पार था। बुधवार को जिले में प्रदूषण का औसतन स्तर 156 एक्यूआई और न्यूनतम स्तर 46 एक्यूआई दर्ज किया गया।
-सभी माइनिंग जोन और क्रशर शुरू होने से संचालकों को राहत मिली है। क्रशर बंद होने से प्रतिदिन संचालकों के साथ सरकार को राजस्व का घाटा हो रहा था। बिजली निगम ने क्रशर जोन में आपूर्ति करने वाली लाइन चालू कर दी है।
-सोमबीर घसोला, प्रदेश अध्यक्ष, क्रशर एसोसिएशन
-ग्रैप-3 के तहत लगी पाबंदी हट गई हैं। अब माइनिंग और क्रशर जोन में गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। भवन निर्माण सामग्री वाहक वाहन भी अब सड़कों से गुजर सकेंगे।
-कोमल कुमार, निरीक्षक, खनन विभाग