चरखी दादरी। जिलावासियों के लिए राहत की खबर है। जिले की नहरों में पानी पहुंच गया है और जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों के सूखे टैंकों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। अगले दस दिन के अंदर सभी 58 जलघरों के टैंक पानी से भरने की योजना है और सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। शहर की बात करें तो चंपापुरी जलघर के टैंकों तक नहरी पानी पहुंच गया है और बुधवार तक टैंकों में सप्लाई जितना पानी हो जाएगा। वीरवार से ट्यूबवेल के बजाय नहरी पानी की आपूर्ति शहर में शुरू कर दी जाएगी।
सिंचाई विभाग ने मुख्यालय 850 क्यूसेक पानी का इंडेंट (डिमांड) भेजा था। इसके तहत नहरों में पानी पहुंच चुका है। 21 मार्च तक नहरों में पानी चलने की उम्मीद है। हालांकि इस बार डिमांड से 100 क्यूसेक पानी कम मिला है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले के लिए इस बार 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
पिछले करीब एक माह से जिले के सभी 58 जलघरों के टैंक सूखे पड़े हैं और लोग पेयजल संकट का दंश झेल रहे हैं। पिछली टर्म में जलघरों में आधी मात्रा में ही पानी भरा जा सका था। ऐसे में जिलावासी कई दिनों से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। एक माह बाद अब जिले की नहरों में पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग ने नहरी पानी को जलघरों तक पहुंचाने की कवायद भी शुरू कर दी है। शहर के मुख्य जलघर को बधवाना और लोहारु नहर के जरिये भरा जाता है। बधवाना नहर से शहर का कपूरी जलघर कनेक्ट है और मुख्य चंपापुरी जलघर लोहारु नहर से जोड़ कर रखा है।
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- 75 लाख लीटर खपत बढ़कर दोगुनी होने का अनुमान
एकतरफ इस बार टर्म पर 100 क्यूसेक पानी कम मिला है तो दूसरी ओर गर्मी के मौसम में पानी की खपत दोगुनी पहुंचने का अनुमान है। इस समय जिले में पानी की दैनिक खपत 75 लाख लीटर है और मार्च के अंत तक यह खपत बढ़कर डेढ़ करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नहरी पानी कम मिलने का असर अगली टर्म से पहले पेयजल आपूर्ति पर देखने को मिल सकता है।
- आठ दिन में भरेंगे शहर के जलघरों के टैंक
चंपापुरी जलघर में चार और रामनगर जलघर में दो टैंक है। दोनों जलघरों की क्षमता करीब 3700 लाख लीटर की है। इन जलघरों के टैंक भरने में आठ से दस दिन का समय लगेगा। एक बार टैंक पानी से लबालब होने के बाद दस दिन तक आपूर्ति की जा सकती है।
- टैंकरों और आरओ प्लांट पर निर्भर शहर -
इस समय दादरी शहर में पेयजल संकट सबसे बड़ी समस्या है। आलम यह है कि 40 फीसदी आबादी पेयजल संकट के कारण 400 रुपये में टैंकर खरीदने को विवश है। वहीं, पूरे बाजार के करीब दो हजार से अधिक दुकानदार 15 रुपये में आरओ प्लांट संचालकों से कैंपर रखवाने को विवश हैं।
नहरों में पानी पहुंच चुका है। इस बार 750 क्यूसेक पानी मिला है और जलघरों तक पानी पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। साइट पर जाकर टीमें निगरानी भी कर रही हैं।
- कपिला हुड्डा, जेई, सिंचाई विभाग।
नहरों में पानी पहुंचते ही हमने जलघरों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। जल्द से जल्द जिले के सभी जलघरों को भरने का हमारा प्रयास है। अब लोगों को पेयजल संकट से छुटकारा दिला दिया जाएगा।
- एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।