हरियाणा के भिवानी में स्थित चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से री-अपीयर के फार्म के आवेदन का मौका दिया गया। वहीं कई परीक्षाओं के परिणाम जारी अभी नहीं हुए हैं, अब विद्यार्थी असमंजस में है कि क्या करें। पास हुए तो फार्म भरने का शुल्क बेकार जाएगा और पास नहीं हुए और फार्म नहीं भरा तो एक मौका जाएगा। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर परिणाम घोषित कर दिए गए हैं और बाकी बचे परिणाम भी एक-दो दिन में घोषित कर दिए जाएंगे।
पहले सिर्फ विश्वविद्यालय की ओर से री-अपीयर या अन्य परीक्षाओं के फार्म भरने की नोटिफिकेशन जारी होती थी, मगर अब विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी साइट पर सूचना देने के अलावा कॉलेजों को सूचित करता है और कॉलेज प्रबंधन अपने स्तर पर विद्यार्थियों को नोटिस चस्पाकर व विद्यार्थियों के ग्रुप में सूचना दे रहा है। अब कॉलेज प्रबंधन की ओर से बीए प्रथम सेमेस्टर बीसीए, पीजीबी, बीएससी, बीकॉम, बीसीए और पीजी मेन, रीअपीयर, सभी बीएसपी मैन, री-अपीयर, बीकॉम री-अपीयर, बीए मैन और री-अपीयर फार्म भरवाने संबंधित अधिसूचना जारी की गई है और सात फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की है। विवि के पदाधिकारियों की दलील है कि सिर्फ बीए प्रथम सेमेस्टर और एमएससी 2017-19 बैच के परीक्षार्थियों को विशेष अवसर दिया गया है। जिस कारण भी विद्यार्थी असमंजस में हैं।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। चार महीने पूर्व हुई परीक्षाओं का अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया है जबकि उनकी परीक्षाओं के री-अपीयर फार्म भरवाए जा रहे है। अब विद्यार्थी को कैसे पता कि वह फेल होगा या पास। यह तो परिणाम घोषित होने के बाद ही पता लगेगा। इस कारण विद्यार्थी असमंजस में है कि क्या करें। चिंतित विद्यार्थी फार्म भरने पर मजबूर हैं। अगर उनका परिणाम पास आता है तो उनकी यह फार्म राशि बेकार हो जाएगी, क्योंकि इस स्थिति में राशि वापस देने का कोई प्रावधान नहीं होता। - विनोद गिल, प्रदेशाध्यक्ष, स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया।
हमारी ओर से अधिकतर परिणाम घोषित कर दिए गए है। अब एमएससी प्रथम सेमेस्टर री-अपीयर समेत कुछेक ही परिणाम लंबित है, जो एक-दो दिन में घोषित कर दिए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कोई परिणाम लंबित नहीं है। अब री-अपीयर फार्म का मौका सिर्फ एमएससी प्रथम 2017-19 बैच के विद्यार्थियों को दिया है। - दीपक वधवा, कार्यकारी परीक्षा नियंत्रक, चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय।