संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। ईद-उल-फितर पर राजपत्रित अवकाश के दिन भी निजी स्कूल खुले रहे, जबकि इस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। हालांकि सतनाली स्कूल बस हादसे के बाद आनन-फानन में स्कूल संचालकों ने जल्दी छुट्टी कर दी। इस संबंध में कार्यकारी डीईओ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास किसी भी अधिकारी ने किसी भी स्कूल की निरीक्षण रिपोर्ट नहीं भेजी।
अवकाश के आदेश निजी व राजकीय सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होते हैं। वीरवार को ईद-उल-फितर पर जिले के कई प्राइवेट स्कूलों ने इन आदेश को नहीं माना। उक्त संचालकों ने विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया और सामान्य दिन की तरह कक्षाएं भी लगाईं।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में हुए स्कूल बस हादसे की सोशल मीडिया पर खबर फैलते स्कूल संचालकों के जहन में कार्रवाई का डर नजर आया और उन्होंने समय से पहले ही छुट्टी कर दी।
जिले की बात करें तो करीब 175 निजी स्कूल हैं। राजकीय अवकाश पर राजकीय स्कूल व सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे। लेकिन निजी स्कूल की बसें सुबह और दोपहर को सड़कों पर दौड़ती नजर आईं। इसके बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी कतई सक्रिय नजर नहीं आए। शायद शिक्षा विभाग के अधिकारी दादरी में भी हादसा होने ोके इंतजार में थे।
मेरे संज्ञान में निजी स्कूल लगने का मामला नहीं है। विभाग अधिकारियों की ओर से स्कूलों का निरीक्षण भी नहीं किया गया है। राजकीय अवकाश के दिन प्राइवेट स्कूलों में भी अवकाश होना चाहिए। - ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यकारी डीईओ, चरखी दादरी