चरखी दादरी। अच्छी सेहत के लिए डॉक्टर्स हमेशा जूस, फल व हरे पत्तेदार सब्जियों के सेवन की सलाह देते हैं। लेकिन कई बार फलों व सब्जियों के दाम ज्यादा होने के कारण लोग इनका सेवन करने से बचते नजर आते हैं। लेकिन मौसम के अनुसार जैसे ही फल-सब्जियों के दाम कम होते हैं, इनकी खपत बढ़ जाती है। ऐसी ही स्थिति मौसमी फलों में अब देखने को मिल रही है। इस समय शहर में मौसमी व अंगूर जैसे फलों की मांग ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि सीजन का फल होने के कारण इनकी पैदावार बंपर है और अब रेट भी कम हो गए हैं।
दूसरी ओर सब्जियों के दाम की बात करें तो कुछ समय पहले जिस धनिया की कीमत दस रुपये किलो होती थी वो आज 50 रुपये प्रति किलो के लगभग के हिसाब से बिक रहा है। वहीं, अन्य सब्जियों के दाम प्रतिदिन के हिसाब से दो-चार रुपये ऊपर-नीचे होते रहते हैं।
फलों के रेट में ये आया उतार-चढ़ाव
फल - वर्तमान भाव - दस दिन पहले
अनानास - 80 - 80
केला - 40 - 50
पपीता - 40 - 35
अमरूद - 50 - 50
संतरा - 70 - 50
अंगूर - 70 - 100
अनार - 100 - 100
सेब - 110 - 120
मौसमी - 70 - 50
सब्जियों के भाव औसतन प्रति किलो के हिसाब से
सब्जी - वर्तमान - दस दिन पहले
बताउ - 40 - 35
आलू - 15 - 10
गोभी - 30 - 15
घीया - 25 - 20
टिंडा - 60 - 50
टमाटर - 30 - 20
खीरा - 20 - 40
प्याज - 20 - 30
अदरक - 60 - 50
लहसन - 80 - 80
धनिया - 50 - 10
सब्जी विक्रेता बोले : मौसमी फलों व सब्जियों की बढ़ी डिमांड -
इस समय मौसमी, संतरा व अंगूर जैसे फलों की मांग बढ़ रही है। ये मौसमी फल होने के कारण इनकी कीमत पहले के मुकाबले में थोड़ी कम भी हुई है। ये बढ़ती गर्मी के कारण जूस बनाने के लिए भी प्रयोग में लेते हैं तो भी इसका प्रयोग ज्यादा बढ़ जाता है।
विजेंद्र, फल विक्रेता
- सब्जियों के दाम तो हर दिन ऊपर-नीचे होते रहते हैं। इनके दाम तो पीछे से कैरेट के हिसाब व मांग के हिसाब से निर्धारित होते हैं। प्याज की डिमांड अब बढ़ गई है जबकि धनिया का रेट करीब पांच गुना बढ़ गया है।
- सोमनाथ, सब्जी विक्रेता