यूपीएससी चेयरमैन प्रीति सूदन का पुश्तैनी घर।
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हाल ही में यूपीएससी की चेयरपर्सन बनाई गईं प्रीति सूदन दादरी की बेटी हैं। वह करीब 25 साल पहले शहर स्थित अपनी पुश्तैनी हवेली देखने दादरी आई थीं। उनके चचेरे भाई एवं हैफेड के रिटायर्ड डीजीएम कपिल भारद्वाज का कहना है कि अब तक प्रीति सूदन दो बार दादरी आई हैं जबकि उनका परिवार लंबे समय से चंडीगढ़ सेक्टर-7 में रह रहा है। अब विवाह या अन्य पारिवारिक उत्सव के दौरान ही परिवार के सभी सदस्यों का आपस में मिलना होता है।
कपिल भारद्वाज ने बताया कि उनके ताऊ एवं प्रीति के पिता ओमप्रकाश सिंह राव रिटायर्ड एचसीएस हैं। उन्होंने हैफेड के अलावा हाउसिंग बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वहीं, प्रीति सूदन 1983 बैच की आईएएस हैं और उन्होंने आंध्र-प्रदेश में अपनी सेवाएं दी है। उन्होंने तीन वर्ष तक केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव का पद भी संभाला।
कपिल भारद्वाज ने बताया कि प्रीति सूदन का दादरी आना-जाना कम रहा है जबकि उनके पिता ओमप्रकाश कुमार यादव का बचपन दादरी में ही बीता है। पहले उनका परिवार शहर के राव मौहल्ला स्थित पुरानी हवेली में रहता था।
दरअसल, प्रीति सूदन का पूरा परिवार ही नौकरी-पेशा से जुड़ा है। पहले उनके पिता एचसीएस अधिकारी रहे। उनके बाद प्रीति आईएएस बनीं जबकि उनका छोटा भाई चेतन आईआरएस बना। उनकी छोटी बहन चंडीगढ़ पीजीआई में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वहीं, प्रीति सूदन के दादा उत्तम सिंह राव शिक्षा अधिकारी रिटायर्ड थे। प्रीति के चाचा वीपीएस राव मार्केफैड से चीफ एडिटर रिटायर्ड हैं। उनके दूसरे चाचा हरिप्रकाश राव शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
संगरूर से भी है परिवार का जुड़ाव
प्रीति सूदन के परिवार का पंजाब के संगरूर से पुराना नाता है। पहले उनका परिवार यहीं रहता था जबकि उसके बाद उन्होंने दादरी में भी रिहायश कर ली। नौकरी में होने के कारण उनके परिवार के सदस्यों की पोस्टिंग भी संगरूर क्षेत्र के आसपास रही जिसके चलते परिवार ने वहां भी रिहायश रखी। फिलहाल कई सालों से उनका परिवार चंडीगढ़ सेक्टर-7 में रह रहा है।
पूर्वजों को राजा-महाराजाओं के समय मिली थी राव की उपाधि
हैफेड से डीजीएम रिटायर्ड कपिल भारद्वाज ने बताया कि राजा-महाराजाओं के समय उनके बुजुर्गों को राव की उपाधि दी गई थी। गौत्र भारद्वाज होने के चलते परिवार के सदस्य अपने नाम में राव जोड़ने लगे। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी बड़ी चचेरी बहन प्रीति नाम के पीछे सूदन लिखने लगी।