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प्रदूषण का स्तर 301 एक्यूआई पहुंचा, आतिश नहीं घातकबाजी

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चरखी दादरी। दिवाली पर प्रतिबंध के बावजूद जिले में जमकर पटाखे फूटे। इससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया। मंगलवार की बात करें तो जिले में प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहा। प्रदूषण का स्तर 301 एक्यूआई पहुंचने से जिले की हवा बेहद खराब आंकी गई। पिछले 48 घंटों की अगर बात करें तो प्रदूषण का स्तर 80 एक्यूआई ऊपर पहुंचा है। वहीं, अधिकतम और न्यूनतम तापमान का ग्राफ भी दिवाली के बाद लुढ़का है।
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प्रशासन ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था और केवल ग्रीन पटाखे जलाने की जिले में अनुमति थी। जबकि हुआ इसके विपरीत। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर आतिशबाजी हुई और प्रदूषण का स्तर बढ़ने का यह प्रमुख कारण रहा। हालांकि जिले में पाबंदी के बावजूद पटाखा बेचने पर छह लोगों के खिलाफ एक्सप्लोजिव एक्ट 1884 के तहत मामले भी दर्ज किए गए, लेकिन इसके बावजूद चोरी-छिपे पटाखे की खूब बिक्री हुई। वहीं, पटाखे जलाने वाले किसी पर भी कार्रवाई नहीं की गई। गनीमत यह रही कि आतिशबाजी के दौरान इस बार झुलसने का एक भी मामला सामने नहीं आया। दिवाली के चलते पिछले तीन दिनों से आतिशबाजी का दौर चल रहा था। रविवार को छोटी दिवाली और सोमवार को बड़ी दिवाली के चलते आतिशबाजी में और वृद्धि हुई जबकि जिला उपायुक्त ने आतिशबाजी व पटाखा बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद जिले में कुछ जगहों पर पटाखों की चोरी-छिपे बिक्री की गई। हालांकि कुछ लोगों को प्रशासन ने दिवाली से पहले ही पटाखे बेचते पकड़ा और उनके खिलाफ धारा 188 और 9 (ख) एक्सप्लोजिव एक्ट 1884 के तहत संबंधित थानों में केस भी दर्ज किए गए।
न्यूनतम 208 एक्यूआई रहा प्रदूषण का स्तर
20 अक्तूबर के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में प्रदूषण का स्तर 180 एक्यूआई था। 22 अक्तूबर तक यह स्तर बढ़कर 221 एक्यूआई पहुंच गया। मंगलवार की अगर बात करें तो प्रदूषण का औसतन स्तर 301 एक्यूआई रहा जबकि न्यूनतम स्तर 208 एक्यूआई रहा।
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पिछले साल से कम हुई आतिशबाजी, नहीं लगी कहीं आग
प्रशासन की पाबंदी के चलते इस बार आतिशबाजी पिछले साल की तुुलना में कम हुई। सकारात्मक बात यह रही कि इस बार जिले में पटाखों के चलते कहीं भी आग लगने की घटना नहीं हुई। दमकल विभाग के सूत्रों के अनुसार 2020 में दिवाली पर 20 से अधिक जगहों पर आग लगी थी जबकि इस वर्ष दिवाली पर कहीं पर आग लगने की घटना नहीं हुई।
15 से 30 मिनट में ठीक किए बिजली निगम की टीमों ने फाल्ट
दिवाली पर शहर में बिजली आपूर्ति पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर रही। करीब दस जगहों पर शहर में बिजली फॉल्ट आए जिन्हें फॉल्ट रिमूविंग टीमों ने पंद्रह से 30 मिनट के अंदर ठीक कर दिया। शहर के सभी 12 फीडरों में दिवाली पर निर्बाध आपूर्ति हुई। दिवाली पर करीब 60 फॉल्ट आए जिन्हें कुछ देर बाद ही निगम टीमों ने दूर कर दिया।
स्वास्थ्य के लिए सही नहीं खराब हवा : डिप्टी सीएओ
प्रदूषित हवा स्वास्थ्य के लिए कसी भी लिहाज से सही नहीं है। खासकर आतिशबाजी के बाद बढ़ा प्रदूषण का स्तर बुजुर्गों समेत श्वास रोगियों को काफी परेशान करता है। दिवाली पर्व पर आंखों में जलन की शिकायतें अधिक बढ़ती हैं। दिवाली के दो-तीन दिन बाद तक बुजुर्गों और श्वास रोगियों को सुबह व शाम की सैर से गुरेज करना चाहिए।
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-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
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