चरखी दादरी। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सभी निर्देशों का लोकसभा चुनाव के दौरान पालन करना अनिवार्य है। इसमें सभी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित राजनीतिक दल, उम्मीदवार और कार्यकर्ता व आम लोग भी शामिल हैं। उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि नामांकन भरने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी और सभी दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा। एक उम्मीदवार अधिकतम 4 नामांकन पत्र भर सकता है और 2 लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ सकता है। नामांकन पत्र उम्मीदवार या प्रस्तावक भर सकता है। नामांकन पत्र डाक से नहीं भेजा जा सकता, बल्कि आरओ/एआरओ के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से ही प्रस्तुत किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि पूरे देश में लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। चुनाव के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जरूरी निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों व कार्यकर्ताओं सहित आम लोगों को भी इन निर्देशों का पालना करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि आम चुनाव की घोषणा के बाद नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि, स्थान, समय, नामांकन पत्रों की जांच, पत्र वापस लेने की तिथि आदि जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इसके साथ यह भी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी कि आरओ के स्थान पर कौन से एआरओ नामांकन पत्र स्वीकार करेंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों को रिटर्निंग अधिकारी (आरओ), सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) के कार्यालय में अपने साथ अधिकतम 4 लोगों को लाने की अनुमति होगी। आरओ और एआरओ कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में अधिकतम 3 वाहन लाने की अनुमति होगी।
25 हजार अग्रिम सुरक्षा राशि करवानी होगी जमा
उपायुक्त ने बताया कि बताया कि लोकसभा आम चुनाव के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट 25 हजार रुपये होगी। अनुसूचित जाति व जनजाति के के लिए आरक्षित सीटों पर उम्मीदवारों के लिए यह राशि 12,500 रुपये होगी। सिक्योरिटी डिपॉजिट नकद या ट्रेजरी के माध्यम से ही स्वीकार्य होगी। चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से इस राशि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फार्म 26 भरकर देना होगा आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवार को अपने आपराधिक रिकॉर्ड, यदि कोई है तो, उसकी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। उम्मीदवार को फॉर्म 26 में एफिडेविट के साथ अपने आपराधिक मामले की पूरी जानकारी देनी होगी और वह राजनीतिक पार्टी को भी इससे अवगत करवाएगा। राजनीतिक पार्टी आपराधिक मामले की जानकारी पार्टी की अधिकारिक वेबसाइट पर डालेगी। इतना ही नहीं, नामांकन भरने के बाद उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टी को समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में भी कम से कम तीन बार आपराधिक मामले की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी।