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अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी स्मार्ट डिजिटल बोर्ड पर करेंगे पढ़ाई

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शहर के मॉडल संस्कृति स्कूल के क्लासरूम में लगा स्मार्ट डिजिटल बोर्ड सिस्टम। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिले के मॉडल संस्कृति और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब क्लासरूम में बैठकर स्मार्ट डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई करेंगे। शिक्षा विभाग ने जिले के 93 स्कूलों में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड इंस्टॉल करवा दिए हैं। इन बोर्ड पर सीडी या अन्य डिवाइस के जरिये अब पढ़ाई होगी। एक स्मार्ट डिजिटल बोर्ड की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है और 93 स्कूलों में कुल खर्च दो करोड़ साढ़े 32 लाख रुपये आया है।
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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जिले के 23 मॉडल संस्कृति व 70 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड इंस्टाल कर दिए गए हैं। इससे अध्यापक सिस्टम में सीडी व अन्य डाटा अपलोड कर विद्यार्थियों को आसानी से पढ़ा सकेंगे। शिक्षक इस डिजिटल बोर्ड में किसी भी टॉपिक की सीडी डालकर पढ़ा सकते हैं। इससे अब अध्यापकों को भी शिक्षण कार्य में आसानी होगी और वे विषय वस्तु की विद्यार्थियों को बारीकी से जानकारी दे सकेंगे। जो विषय कक्षा में पढ़ाया जाएगा, उसके बारे में विद्यार्थियों के सामने लगे डिजिटल बोर्ड पर पूरी जानकारी नजर आएगी। ऐसे में शिक्षा का स्तर भी और सुधरेगा। जिले में कक्षा नौवीं से 12वीं तक विद्यार्थियों की संख्या 15400 है।
ऐसे होगा डिजिटल बोर्ड पर काम
क्लासरूम में बोर्ड के समीप ही एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगी है। इसके अलावा प्रोजेक्टर भी साथ है। एलईडी में पेन ड्राइव या अन्य डाटा डिवाइस जोड़कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। सामने लगी स्क्रीन पर उक्त विषय के पूरी जानकारी विद्यार्थियों के सामने अंकित होगी। इससे छोटे या धुंधले अक्षर नजर आने का झंझट भी नहीं रहेगा।
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बिजली कट की समस्या दूर करना भी जरूरी
स्कूलों में बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बाधा आ सकती है। स्कूल टाइम में पावर कट होने से यह यह बोर्ड भी नकारा हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किल से 14 से 16 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। ऐसे में इन बिजली कटों की समस्या की ओर भी शिक्षा विभाग को ध्यान देने की जरूरत है।
टैब सुविधा से अभी वंचित हैं विद्यार्थी
कोरोना काल में विद्यार्थी को पढ़ाई के दौरान कठिनाइयां झेलनी पड़ी हैं। खासकर प्राइमरी के विद्यार्थी की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित रही है। पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थी तो ऑनलाइन कक्षाएं लगा ही नहीं पाए थे। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को टैब देने की भी योजना तैयार की थी लेकिन अब तक यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सका है।
वर्जन
स्कूलों में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड इंस्टाल होने से शिक्षक व विद्यार्थी को शिक्षण अधिगम में सुविधा हुई है। सीडी के जरिये भी पाठ्यक्रम पढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा अन्य जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जा सकती है।
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जलधीर सिंह कलकल, बीईओ
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शहर के मॉडल संस्कृति स्कूल के क्लासरूम में लगा स्मार्ट डिजिटल बोर्ड सिस्टम।
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