चरखी दादरी। शहर में विकास कार्यों का खाका खींचने वाले नगर परिषद में लंबे समय से अधिकारियों की कमी बनी हुई है। इस समय ईओ, बीआई, सीएसआई, एसआई, एमई समेत जेई का पद खाली है। इसके अलावा दो पद ऐसे हैं जिनकी स्वीकृति मिलने के बाद से ही अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में फरियादियों के काम लटके पड़े हैं। साथ ही इसका असर सीधे तौर पर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। वहीं, पद स्थायी रूप से न भरने के कारण इस समय लिंक ऑफिसर के जरिये ही काम चलाया जा रहा है।
जिला बनने के बाद भी नगर परिषद के स्टाफ का दायर नहीं बढ़ा है। इस समय नप कार्यालय शॉपिंग कॉम्पलेक्स की दुकानों में चल रहा है। मौजूदा कार्यालय में जगह की कमी बनी हुई है और जबकि नया भवन बनाने की योजना तीन साल पहले तैयार होने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में है। भवन के अलावा नप के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के पद तक खाली पड़े हैं। समय-समय पर निदेशालय मांग भेजने के बाद भी तैनाती नहीं हो पा रही है। नप कार्यालय में विभिन्न कामों से प्रतिदिन 100 से अधिक लोग पहुंचते हैं, अधिकारी न होने पर 50 फीसदी को लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उनके काम राइट-टू-सर्विस एक्ट के तहत निश्चित समय अवधि में भी नहीं हो पा रहे हैं।
चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त, एसडीएम का पास चार्ज
चेयरमैन संजय छपारिया का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से एसडीएम विरेंद्र सिंह के पास नगर परिषद का चार्ज है। उनके कंधों पर उपमंडल की भी जिम्मेदारी है और व्यस्तता के चलते वे भी इस समय पूरा समय नगर परिषद को नहीं दे पा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एसडीएम की व्यस्तता के चलते डाक तक का कार्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि एसडीएम समय निकालकर जरूरी डाक निपटा रहे हैं, लेकिन रुटीन की डाक ज्यादातर लंबित रह रही हैं। एक्सईएन की तैनाती न होने से विकास कार्य करवाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
नप में ये पद हैं खाली
नगर परिषद में एटीपी (असिस्टेंट टाउन प्लानर) और अनुभाग अधिकारी का पद तो आज तक ही नहीं भरा गया है। जेई का एक, एमई के दो और अकाउंटेंट का एक पद खाली पड़ा है। जून 2020 में एक्सईएन और बीआई का तबादला हुआ था और एक साल से अधिक समय बीतने पर भी इन पदों पर स्थायी तैनाती नहीं हो पाई है।
सीएसआई है न एसआई, दरोगा के सहारे सफाई शाखा
नगर परिषद में सीएसआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) और एसआई (सेनेटरी इंस्पेक्टर) का पद भी लंबे समय से खाली है। सफाई शाखा का कार्यवाहक प्रभारी इस समय एक दरोगा को बना रखा है। अधिकारियों की तैनाती न होने से सफाई शाखा का कार्य भी ठीक प्रकार से नहीं हो पा रहा है। नप के पास दरोगा की पहले ही कमी बनी हुई है।
अधिकारियों की तैनाती न होने के चलते ये काम हैं प्रभावित
इंजीनियरिंग वर्कर्स एक्सईएन ही एमई और जेई के जरिये करवाता है, जबकि नगर परिषद में एक्सईएन नहीं है। बीआई (बिल्डिंग इंस्पेक्टर) की तैनाती न होने के कारण भवनों के नक्शों की फाइल के निपटान में भी देरी के साथ अन्य कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एमई (म्यूनिसिपल इंजीनियर) के दो पद हैं। भिवानी एमई को दादरी नगर परिषद का अतिरिक्त चार्ज दिया हुआ है। पिछले सप्ताह ही ईओ का तबादला हो गया है और अभी स्थायी ईओ की तैनाती नहीं हुई है। भिवानी ईओ संजय यादव के पास ही फिलहाल अतिरिक्त कार्यभार है। वहीं, कार्यालय स्टाफ के पद भी खाली हैं।
अधिकारियों के पद खाली हैं और इसके चलते लिंक ऑफिसर को सप्ताह में दो दिन मैं कार्यालय बुला रहा हूं। अधिकारियों के जो पद खाली हैं, उनकी रिपोर्ट बनवाकर मैं मुख्यालय भिजवा दूंगा। जल्द से जल्द इन अधिकारियों की तैनाती करवाने का हमारा प्रयास रहेगा।
डॉ. विरेंद्र सिंह, एसडीएम एवं नप प्रशासक