जिला के बौंद कलां ब्लॉक व आसपास के क्षेत्र में अनाज मंडी का निर्माण करने के लिए विभाग ने कमेटी गठित की है। यह कमेटी जगह को फाइनल करेगी। मंडी के लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन की जरूरत है। कमेटी में एक्सईएन मार्केट कमेटी, सचिव मार्केट कमेटी व बीडीपीओ को शामिल किया गया है। यह खरीद केंद्र निर्माण होने से करीब 22 गांवों के किसानों को सुविधा हो सकेगी।
जिला में दादरी अनाज मंडी के अलावा बाढड़ा में भी अनाज मंडी होने से स्थायी खरीद केंद्र हैं। बौंद कलां खंड में अस्थायी खरीद केंद्र बनाकर किसानों से अनाज की खरीद की जाती है। ज्यादा मात्रा में अनाज की आवक होने के बाद बड़े गांवों में खरीद केंद्र बनाने पड़ते हैं, ताकि जल्दी खरीद का कार्य पूरा हो सके। अब खरीद का दायरा बढ़ाने व जल्दी काम निपटाने के लिए विभाग ने अभी से काम शुरू कर दिया है। इसके लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम शुरू हो गया है, ताकि अप्रैल माह में आने वाली रबी सीजन की फसल के दौरान खरीद कार्य सुचारु रूप से हो सके। इसके लिए विभाग ने सभी संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। मंडी के लिए पांच एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसके लिए गठित कमेटी ने होमवर्क शुरू कर दिया है।
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- इन गांवों को होगा फायदा
बौंद कलां क्षेत्र में मंडी निर्माण होने से बौंद कलां, बौंद खुर्द,ऊण, रणकोली, नीमड़ी,रानीला, सांजरवास, सांवड़, मिसरी, सौंप, कासनी, मिसरी, लांबा, कोहलवास, हिंडोल सहित करीब 20 गांवों के किसानों को सुविधा हो सकेगी। इस क्षेत्र केे किसानों को दादरी अनाज मंडी नहीं जाना पड़ेगा।
- जिले में 62 हजार किसान, 300 आढ़ती पंजीकृत -
जिले में 62 हजार किसान हैं। इसके अलावा करीब 300 पंजीकृत आढ़ती हैं। इन आढ़तियों के जरिये रबी व खरीफ की फसलों की खरीद की जाती है। खरीद से पहले किसानों को मार्केटिंग बोर्ड कमेटी के पोर्टल पर अपनी फसलों का ऑनलाइन विवरण दर्ज करवाना होता है। उसके बाद ही किसान की फसल की खरीद की जाती है। खरीद कार्य भी ऑनलाइन किया जाता है।
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वर्जन::
मंडी निर्माण के लिए जगह को जल्दी ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कमेटी गठित कर दी है। मंडी निर्माण से पहले सभी आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियां का बारीकी से आंकलन किया जाएगा। जमीन का समतल होना अति जरूरी है। मार्केटिंग विभाग किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।
- परमजीत नांदल, सचिव, मार्केट कमेटी।
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