चरखी दादरी। मानसून की करीब 350 एमएम बारिश में जिले में करीब 12 करोड़ से बनीं दस सड़कें बह गई हैं। शहर की अंदरूनी सड़कों की हालत तो बेहद खराब है। वहीं, एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक रोड) समेत संपर्क मार्गों पर भी गहरे गड्ढे बने गए हैं। इसके चलते प्रतिदिन जिले में 50 हजार से अधिक वाहन चालकों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वाहन चालकों को कमर दर्द समेत रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत भी हो रही है। सिविल अस्पताल की फिजियोथैरेपी यूनिट में प्रतिदिन 20 से ज्यादा लोग इस समय पहुंच रहे हैं। 10 अगस्त से पहले यह संख्या 15 तक थी। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद ने जर्जर सड़कों का निर्माण करवाने की योजना तो तैयार कर रखी है, लेकिन कार्य शुरू करवाने के लिए मौसम अनुकूल होने का इंतजार है। बारिश के बाद जिले की सड़कों के बिगड़े स्वरूप पर अमर उजाला की एक रिपोर्ट....
इन सड़कों के ये हैं हालात, वाहन चालक झेल रहे परेशानियां
दो माह पहले बनी फोरलेन सड़क कई जगह से टूटी, किनारों पर भरा पानी
मानसून से पहले ही पीडब्ल्यूडी ने शहर की फोरलेन सड़क का निर्माण करवाया था। इसके निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ का बजट खर्च हुआ था। इस मुख्यमार्ग से प्रतिदिन 20 हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं। बारिश के दौरान लोहारू चौक से लेकर परशुराम चौक तक छह जगहों पर जलभराव हुआ। पानी निकासी के लिए पाइपलाइन डालने के लिए भी इस सड़क को कई जगहों से उखाड़ा गया। अब भी इस मार्ग पर परशुराम चौक के समीप सीवर का दूषित पानी भरा हुआ है।
तीन वार्डों का नारनौल-हिसार मुख्यमार्ग से जुड़ाव करने वाली सड़क पर 500 से अधिक गड्ढे
वार्ड 13, 14 और 17 का सिविल अस्पताल के पिछली तरफ से होते हुए नारनौल-हिसार मुख्यमार्ग से जुड़ाव करने वाली सड़क पर तो करीब एक किलोमीटर की दूरी में तारकोल ही गायब है। इस सड़क का निर्माण करीब दो साल पहले हुआ था। करीब चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पांच सौ से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। यहां से प्रतिदिन दो हजार वाहन चालक गुजरते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क के पुनर्निर्माण की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। मौसम अनुकूल होते ही टेंडर प्रक्रिया कर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
रावलधी-दिल्ली बाईपास पर भी गहरे गड्ढे, रात में हादसों का अंदेशा
रावलधी चौक से लेकर दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे टी-प्वाइंट तक सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने चार साल पहले करवाया था। मानसून की बारिश यह सड़क भी नहीं झेल पाई। बारिश के दौरान इस मार्ग पर भी करीब 500 मीटर की दूरी में पानी भरा रहा। सड़क पर एक फुट तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इस मार्ग पर लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। सड़क के बीचोंबीच बने गड्ढों से रात के समय यहां हादसों का अंदेशा बना हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन आठ हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिन्हें परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
शहर की ये अंदरूनी सड़कें दे गईं जवाब
परशुराम चौक से लेकर सरदार झाडू़ सिंह चौक तक, पुरानी अनाज मंडी के पिछली तरफ की सड़क, रासीवासिया धर्मशाला से प्राचीन हनुमान मंदिर रोड, कॉलेज रोड, पंचनंद चौक से कॉलेज मोड़ रोड, रविदास नगर से कलियाणा रोड भी इस समय जर्जर है। इन सड़कों से प्रतिदिन करीब दस हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं। वहीं, शहर के मेजबान चौक से हुडा सेक्टर की ओर जाने वाली सड़क भी खस्ताहाल है।
बारिश से सड़कों को नुकसान पहुंचा है। पाइप लाइन डालने के लिए कुछ जगहों पर सड़कें उखाड़नी भी पड़ी। जो सड़कें जर्जर हुई हैं उनका हम मौसम अनुकूल होते ही निर्माण कार्य शुरू करवा देंगे। कुछ की टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
शहर की जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना हमने तैयार कर रखी है। मौसम अनुकूल होते ही टेंडर प्रक्रिया कर सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
सौहार्द शर्मा, जेई, नगर परिषद