जरूरत पड़ने पर खून और प्लाजा के लिए मरीजों के तीमारदारों को करनी पड़ रही भिवानी-रोहतक की भागदौड़
- तीन साल से जिले में 500 यूनिट भंडारण क्षमता का ब्लड बैंक खुलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में 500 यूनिट भंडारण क्षमता वाले ब्लड बैंक का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार करने के तीन साल बाद भी जिला स्वास्थ्य इसे धरातल पर सिरे नहीं चढ़ा पाया है।
दूसरी ओर डेंगू-मलेरिया के सीजन में मरीजों के तीमारदारों को रक्त या प्लाजमा लेने के लिए भिवानी व रोहतक की भागदौड़ करनी पड़ रही है। वहीं, विभाग का तर्क है कि अंतिम औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ब्लड बैंक शुरू कर दिया जाएगा।
सिविल अस्पताल में 500 यूनिट भंडारण क्षमता के ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने पर 19 लाख लागत आई है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां इंस्टॉल होने वाली मशीनें भी मंगवा ली थीं। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक सुविधा शुरू होने से मरीजों के तीमारदारों समेत अस्पताल स्टाफ को भिवानी की भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। इससे जिले के छह लाख लोगों को राहत मिलेगी।
दरअसल, दादरी जिला रक्त के मामले में अभी पूर्णतया भिवानी पर निर्भर है। सिविल अस्पताल में भिवानी से ही रक्त की पूर्ति की जा रही है। इसके लिए हर दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गाड़ी लेकर जाती है। इस झंझट को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक खोलने की योजना तैयार की थी।
पहले यह योजना कोरोना की भेंट चढ़ी रही। लंबे इंतजार के बाद सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने के लिए ढांचा तैयार करवाया गया। करीब छह माह बाद भी स्वास्थ्य विभाग ब्लड बैंक शुरू करने की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाया।
- पुराने भवन के दो कमरों में बनाया ब्लड बैंक
ब्लड बैंक निर्माण के लिए सिविल अस्पताल में दो कमरों का चयन किया गया। यह चयन पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने किया था। इस समय अस्पताल के पुराने भवन में ब्लड यूनिट ही है। इसकी क्षमता अधिकतम 30 यूनिट की है। कई दफा ब्लड खत्म होने की स्थिति में मरीज के तीमारदारों को खुद ब्लड बैंक जाकर खून लाना पड़ता है। ब्लड बैंक बनने के बाद मरीजों के लिए जिला वासियों को सिविल अस्पताल में ही रक्त मिल जाएगा।
- हर साल आठ से दस हजार यूनिट होता है जिले में रक्तदान
हर साल जिले में डेढ़ सौ से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं। इनमें ज्यादातर युवा ही रक्तदान करते हैं। एक साल में जिला औसतन आठ से हजार यूनिट रक्तदान करता है। सोनीपत, भिवानी, महेंद्रगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, नई दिल्ली, रेवाड़ी आदि जिलों की ब्लड बैंक टीमें दादरी में आकर रक्तदान करवाती हैं।
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चरखी दादरी सिविल अस्पताल जहां ब्लड बैंक बनना है। संवाद