चरखी दादरी। रसोई गैस सिलिंडर के दाम में 50 रुपये बढ़ोतरी होने से महिला वर्ग नाराज है। गृहिणियों का एक सुर में कहना है कि ये बढ़ोतरी गलत है और इससे रसोई का बजट बिगड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले तो खाने में तड़का लगाना महंगा था अब तो पकाना भी महंगा हो गया है।
महिलाओं का कहना है कि सरकार सब्सिडी पहले ही बंद कर चुकी है, जबकि सिलिंडर के दाम भी नियमित अंतराल पर बढ़ाए जा रहे हैं। इस मूल्यवृद्धि के बाद शहर में सिलिंडर का रेट 960 रुपये पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि एकतरफ सरकार खाना बनाने के लिए हर घर गैस पहुंचाने का दम भर रही है, तो दूसरी ओर सिलिंडर के दाम बढ़ाकर गरीब आदमी की पहुंच से इसे दूर कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने का असर सीधे तौर पर थाली के जायके पर पड़ेगा। महिलाओं ने सरकार से बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांग की है। पेश है महिलाओं से बातचीत पर विशेष रिपोर्ट...
महिलाएं बोलीं : फैसले से पड़ रही मार, सब्सिडी भी खत्म जैसी
महंगाई बढ़ने के साथ-साथ गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की मुश्किलें इससे बढ़ रही हैं। सब्जियों समेत तेल और अन्य खाद्यान के दाम पहले ही बढ़े हुए थे, जबकि अब सिलिंडर के दाम भी सरकार ने बढ़ा दिए हैं। - शकुंतला, गृहिणी
पहले सरकार खाते में सब्सिडी डालती थी। अब सब्सिडी के रूप में महज चार से पांच रुपये ही आ रहे हैं, जोकि न मिलने के बराबर ही है। सरकार का एकदम से रसोई गैस के दाम 50 रुपये बढ़ाना गलत है और हर घर पर इस फैसले की मार पड़ेगी। - बबली, गृहिणी
बढ़ती महंगाई ने परिवार की थाली का जायका बिल्कुल बिगाड़ दिया है। पहले सब्जियों का तड़का महंगा हुआ तो अब रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से खाना पकाना भी महंगा हो गया है। रेट बढ़ोतरी का फैसला वापस लेना चाहिए। - सरोज, गृहिणी
रसोई गैस के दाम बढ़ने का असर हर घर पड़ेगा। पहले ही महंगाई चरम पर है और अब सरकार ने गैस सिलिंडर के दाम बढ़ाकर लोगों को एक और झटका दिया है। गैस सिलिंडर के दाम सरकार को कम करने चाहिए। - पूनम गोदारा, एडवोकेट