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भविष्य संवरने से पहले बस्ते के बोझ तले दबी मासूमियत

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ज्यादा वजन वाला स्कूल बैग टांगकर गुजरते प्राइमरी विंग के विद्यार्थी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के स्कूल बैग के वजन का मानक तय कर रखा है। जिले की अगर बात करें इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
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संवाददाता ने वीरवार को शहर के स्कूलों के बाहर पड़ताल की तो दूसरी कक्षा के विद्यार्थी के बैग में 4.700 किलोग्राम वजन मिला। हैरत की बात तो यह है कि उक्त छात्र में 10 किलोग्राम ही वजन था। वहीं, पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के बैग में 10 किलोग्राम तक वजन मिला। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अपने वजन से आधे वजन का बस्ता उठाना विद्यार्थी के शारीरिक विकास के लिहाज से सही नहीं हैं। पेश है संवाददाता द्वारा स्कूल बैग के वजन पर की गई पड़ताल पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट....
पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के बैग में मिला कितना वजन
कक्षा विद्यार्थी का वजन बैग का वजन
दूसरी 10 किलोग्राम 4.700 किलोग्राम
पहली 9 किलोग्राम 3 किलोग्राम
तीसरी 14 किलोग्राम 5.150 किलोग्राम
पांचवीं 19 किलोग्राम नौ किलोग्राम
स्कूल बैग वजन का ये है प्रावधान
निदेशालय के सर्कुलर अनुसार प्री-प्राइमरी स्तर के 10 से 16 किलोग्राम वजन वाले बच्चों के लिए स्कूल बैग न ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पहली और दूसरी कक्षाओं के 16 से 22 किलो वजन वाले बच्चों के लिए स्कूल बैग का वजन 1.6 से 2.2 किलोग्राम तय किया गया है। इसी प्रकार तीसरी, चौथी व पांचवीं कक्षा के 17 से 25 किलो वजन वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल बैग के भार की सीमा 1.7 से 2.5 किलो रखी गई है। छठीं व सातवीं कक्षाओं के 20 से 30 किलो वजन वाले विद्यार्थियों के लिए बैग के वजन की सीमा 2 से 3 किलोग्राम निर्धारित है। आठवीं कक्षा के 25 से 40 तक वजन वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल बैग के वजन की सीमा 2.5 से 4 किलो तक निर्धारित है।
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एक्सपर्ट व्यू : अधिक वजन उठाना बच्चों के लिए नहीं सही: डॉ. गुप्ता
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि अपने वजन से आधे वजन का बैग उठाना बच्चों के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं है। इसका असर शारीरिक विकास पर तो पड़ता ही है, साथ में बच्चा झुककर चलने लग जाता है। सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की शिकायत भी रहती है। बच्चे को अपने वजन के हिसाब से ही वजन उठाना चाहिए और शिक्षकों व अभिभावकों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
अभिभावक बोले: नियमानुसार हो बैग का वजन, अतिरिक्त किताबों की खरीद न करवाएं
निजी स्कूल संचालक अपने फायदों के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त किताबें खरीदने के लिए कहते हैं, जिससे उनके बैग का वजन काफी बढ़ जाता है। जो नियम तय किए गए हैं, उसी के अनुसार स्कूल बैग का वजन होना चाहिए। - ममता, अभिभावक
बच्चों के स्कूल बैग आज काफी भारी हो गए हैं और अतिरिक्त किताबें खरीदने का सीधे तौर पर असर अभिभावक की जेब पर पड़ता है। स्कूल बैग वजन को लेकर जो नियम है उसका पूर्णतया पालन होना चाहिए। - देवेंद्र, अभिभावक
भारी बैग उठाकर बच्चे का घर से स्कूल और फिर वापस घर पहुंचना आसान नहीं है। शिक्षकों के निर्देशों पर अभिभावकों को सभी किताबें दिलवानी पड़ती हैं। स्कूल संचालकों को अतिरिक्त किताबें नहीं लगवानी चाहिए। - राजेश, अभिभावक
आज बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बहुत है। परिजनों को शिक्षकों के निर्देशानुसार अपने बच्चों को सभी किताबें दिलानी पड़ती हैं। आज फीस महंगी होने के साथ किताबों का खर्चा काफी बढ़ गया है। बच्चों के बैग का वजन कम होना चाहिए। - कृष्ण, अभिभावक
सभी स्कूल संचालकों को इस तरह की हिदायत का पालन करना चाहिए। अगर निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों के बैग का वजन है, तो यह गलत है। इस संबंध में हम जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाएंगे। - जेपी सभ्रवाल, डीईओ
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