चरखी दादरी। राजस्थान की झुंझुनू तहसील के गांव कांजी निवासी दंपती रविश और पूजा ने मांढी पिरानू निवासी तीन युवकों के साथ योजनाबद्ध तरीके से 32 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित युवक प्रवीन, सोनू और विकास को दंपती ने सिंगापुर के होटल में चालक और सुरक्षाकर्मी लगवाने का झांसा दिया और फिर अलग-अलग हथकंडे अपनाकर तीनों के परिजनों से रुपये ले लिए। वहीं, पीड़ित युवकों ने बताया कि दंपती के साथियों ने सिंगापुर पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए। उन्हें वहां न तो नौकरी मिली और न ही खाना। चोरी छिपे काम करके वहां अपना पेट भरा और जैसे-तैसे परिजनों से संपर्क कर घर वापसी की।
संवाददाता ने जालसाजी का शिकार हुए तीनों युवकों से बातचीत की तो सामने आया कि सोनू और प्रवीन चचेरे भाई हैं जबकि विकास भी उन्हीं के गांव का है। तीनों ने बताया कि आरोपी दंपती ने झांसे में लेकर उनके परिजनों से रुपये लिए और फिर उन्हें सिंगापुर भेज दिया। दंपती रविश और पूजा ने उनसे कहा था कि सिंगापुर में एजेंट उनसे मिलेगा जो उन्हें अपने साथ ले जाएगा और नौकरी का प्रबंध करवा देगा। प्रवीन, विकास और सोनू ने बताया कि सिंगापुर पहुंचने पर उन्हें एजेंट नहीं मिला। वहां मिले कुछ लोगों ने उन्हें रिसीव किया और अपने साथ ले गए। वहां उन्हें एक कमरे में रखा गया, जिसमें लगभग 30 लोग रहते थे।
उन्हें सिंगापुर मेंं पांच साल तक काम, हर माह तीन हजार डॉलर पगार और रहना-खाना फ्री बताकर भेजा गया लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो पता चला कि उन्हें केवल तीन महीनों के लिए लाया गया है। वहीं, होटल में चालक और सुरक्षाकर्मी की नौकरी के बजाय उनसे बर्तन मंजावाना, साफ-सफाई, झाड़ू और पोछे व अन्य कार्य करवाए जाते थे। उनके परिजनों ने लोगों से पैसे उधार लेकर उन्हें विदेश भेजा था। लेकिन वहां जाने पर उनको परिजनों से बात करना भी नसीब नहीं हुआ। परिजनों से बात करने पर उन्हें मारने की धमकी दी जाती थी।
तीनों युवाओं की कहानी, उन्हीं की जुबानी
1- चार से पांच दिन में मिलता था खाना
सिंगापुर के लिए मैं 29 जनवरी 2023 को रवाना हुआ था। जब मैं वहां पहुंचा तो मुझे एक कमरे में रखा गया, जिसमें 30 लोग रह रहे थे। चार-पांच दिन में एक बार खाना मिला। कई बार गुरुद्वारा में पेट भरा तो कभी चोरी छिपे काम कर खाने का जुगाड़ करना पड़ा। 2 मई को वापस घर आ गया था। सिंगापुर में हुआ घटनाक्रम ताउम्र याद रहेगा।
प्रवीन, पीड़ित
2- रुपये उधार लेकर किया टिकट का जुगाड़
- मार्च 2023 में सिंगापुर पहुंचा लेकिन काम नहीं मिला। एजेंट के आदमी जबरदस्ती निम्न श्रेणी के कार्य करवाते और मना करने पर मारने और जेल में डलवाने की धमकी देते थे। गांव के भांजे पर विश्वास करके मेरे परिजनों ने मुझे विदेश भेजा था। लेकिन उसने मेरे दस लाख रुपये ले लिए और कोई काम नहीं दिलाया। आते समय सुबह जल्दी उठा और किसी से पैसे मांगकर टिकट खरीदकर घर पहुंचा।
विकास, पीड़ित
3- सिंगापुर में सही काफी प्रताड़ना
14 जुलाई 2023 को सिंगापुर पहुंचा था। वहां काफी प्रताड़ना सहनी पड़ी। वहां के आदमी सभी को हर बात पर डांटते थे। एक दिन उन्होंने मुझे अपने परिजनों से बात करते हुए देख लिया था। उस दौरान उन्होंने मेरा फोन और पासपोर्ट छीन लिया। इसके बाद अगस्त माह में वापस आ गया। एजेंट से रुपये मांगे तो आनाकानी करने के साथ जान से मरवाने की धमकी भी दी।
सोनू, पीड़ित
आरोपी दंपती ने ये हथकंडे अपनाकर ऐंठे रुपये
आरोपी दंपती वर्ष 2022 में तीनों युवकों के परिजनों से फाइल चार्ज, लेट फीस और सिक्योरिटी राशि के नाम पर पैसे लेता रहा। इस तरह उन्होंने उनसे कुल 32 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों का कहना है कि उनके परिजनों ने किसी से उधार लेकर ये पैसे दिए थे। अब आरोपी पैसे मांगने पर जान से मरवाने की धमकी देता है। पीड़ित युवकों ने बताया कि उनके अलावा गांव के छह- सात युवक भी गए थे, लेकिन वे भी उनकी तरह ही निराश होकर लौटे। उनसे भी आरोपी ने पैसे ऐंठे हैं।