चरखी दादरी। चार दिन पहले जिले के विभिन्न भागों में हुई बारिश व ओलावृष्टि ने फसलों को खूब नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की अनुमानित रिपोर्ट तैयार कर ली है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के कृषि योग्य कुल रकबा में से 33 प्रतिशत हिस्से की फसलों को नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से जिले के 44833 एकड़ क्षेत्र में सरसों, गेहूं व सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के 50 से अधिक गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
गौरतलब है कि गत 25 फरवरी की शाम को जिले के दादरी व बाढड़ा उपमंडल के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। जिससे रबी की नकदी माने जाने वाली सरसों की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है। किसानों की शिकायत के बाद कृषि विभाग कर्मचारियों ने नुकसान की अनुमानित रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के अनुसार जिले के 44733 एकड़ क्षेत्र में सरसों, गेहूं, सब्जी की फसलों में 33 से 100 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन है। बाढड़ा उपमंडल में 34215 व दादरी ब्लॉक में 10618 एकड़ प्रभावित रकबा है।
ओलावृष्टि के तुरंत बाद ही किसानों ने अपनी शिकायत कृषि विभाग अधिकारियों को दी थी और इस प्रक्रिया के चलते छुट्टी के दिन भी कृषि विभाग का कार्यालय खुला रहा था। शिकायतों के आधार पर कृषि विभाग की टीमों ने खेतों में पहुंचकर फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया और अपनी अनुमानित आंकलन रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन की मार्फत सरकार को भेज दी है।
इन गांवों में हुआ अधिक नुकसान
गांव बधवाना में 514 एकड़ फसल में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार गांव नौरंगाबास राजपुतान 674, नौरंगाबास जाटान 741, माइकला 350, माईखुर्द 325 एकड़, पालड़ी 680, जावा 218, बीजणा 303, चांगरोड़ 655 चंदेनी 310, असावरी 1850, कलियाणा 2350, रामलवास 1750 एकड़ में नुकसान होने की रिपोर्ट है। इसी प्रकार गांव लाड, मथुरा, गोविंदपुरा, सूरजगढ़, भांडवा, कादमा, बडराई, गोपालवास, चांदवास, किष्किंधा, हंसावास कला, हंसावास खुर्द, निमड़, नांधा, धनासरी, कांहड़ा, कारी आदू, कारीदास, कारी धारिणी, कारी मोद, कारी तोखा, कारी रूपा, खोरड़ा, भोपाली गांवों में 33 से 100 प्रतिशत नुकसान का आकलन है। किसी गांव में 50 से 75 तो किसी गांव में 33 से 50 व 100 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन है।
2740 किसानों ने विभाग को दी शिकायत
जिले के 2850 किसानों ने फसलों में हुए नुकसान की लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है। अब ये शिकायत बीमा कंपनी के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसके बाद कृषि विभाग, बीमा कंपनी, राजस्व विभाग कर्मचारियों की टीमें मौके पर जाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस टीम में एक किसान को भी शामिल किया जायेगा। जिले में इस समय 70 हजार एकड़ में सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है।
स्पेशल गिरदावरी से होगा धरातली नुकसान का आकलन
कृषि अधिकारियों ने बताया कि धरातली नुकसान का आकलन तो स्पेशल गिरदावरी से ही हो पाएगा। जिन किसानों ने फसलों का बीमा करवा रखा है उन्हें बीमा कंपनी की ओर से नुकसान का मुआवजा दिया जाना है। इसके लिये जिन 2850 किसानों ने नुकसान की लिखित में शिकायत दर्ज करवा रखी है उनकी फसलों का मौके पर जाकर जायजा लिया जायेगा। इसमें बीमा कंपनी प्रतिनिधि के अलावा कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी तथा किसान भी शामिल होगा।
यह अनुमानित नुकसान रिपोर्ट है। अब तक 2850 किसानों ने लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है। सभी शिकायत बीमा कंपनी को भेजी जाएंगी। फिलहाल कृषि विभाग ने अपनी अनुमानित रिपोर्ट तैयार की है। - डॉ. अजय भामा, ब्लॉक कृषि अधिकारी
वर्जन
ओलावृष्टि से हुए नुकसान की आकलन रिपोर्ट प्रशासन से तैयार करवाई जा चुकी है। किसानों की फसलों में हुए नुकसान की सरकार से भरपाई करवाई जाएगी। मैं मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री समेत कृषि मंत्री को इससे अवगत करवा चुकी हूं।
नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा