चरखी दादरी। शहर में निजी प्रतिष्ठानों पर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइटों को हटवाने के लिए बिजली निगम जल्द ही विशेष अभियान चलाएगा। प्रतिष्ठानों से लाइटें हटने के बाद जहां नगर परिषद का बिजली बिल का भार कम होगा तो वहीं निगम के लाइन लोस में कमी आएगी। पहले हुई छापेमारी में इन स्ट्रीट लाइटों के जरिये घरों में बिजली चोरी करने के मामले पकड़ में आ चुके हैं और उन्हीं से सबक लेकर बिजली निगम ने अब ये नई कार्ययोजना तैयार की है।
शहर में कई घरों और निजी प्रतिष्ठानों के संचालकों ने एजेंसी और पार्षदों से मिलीभगत कर सरकारी स्ट्रीट लाइटें अपने प्रतिष्ठान पर लगा रखी हैं। शहर में ऐसी एक-दो नहीं बल्कि 500 से अधिक स्ट्रीट लाइटें होने का अनुमान है। वास्तविक संख्या बिजली निगम की मुहिम शुरू होने के बाद ही चलेगा। ये लाइटें प्रतिष्ठान मालिकों ने अपनी सुविधा अनुसार लगाई हुई हैं, जबकि इनकी बिल अदायगी नगर परिषद को करनी पड़ रही है।
इतना ही नहीं इन स्ट्रीट लाइटों के तार के जरिये प्रतिष्ठानों में भी बिजली चोरी किए जाने का अनुमान है। ऐसे में ये स्ट्रीट लाइटें उतरने से बिजली निगम का लाइन लोस कम होगा जबकि नगर परिषद को बिजली बिल के रूप में मासिक दस हजार रुपये की बचत होने का अनुमान है। स्ट्रीट लाइटों को हटवाने के लिए बिजली निगम अधिकारी जल्द ही सर्वे कर अभियान की शुरुआत करेंगे। संवाद
एक रात में एक लाइट एक यूनिट बिजली की करती है खपत
शहर में फिलहाल सभी कॉलोनियों में नगर परिषद की मिलीभगत से 500 से अधिक स्ट्रीट लाइटें घरों की दीवार पर या फिर सामने लगी हुई है। एक स्ट्रीट की क्षमता 20 से 50 वॉल्ट तक है। मकानों के बाहर लगी प्रति स्ट्रीट लाइट एक रात में एक यूनिट से अधिक बिजली की खपत करती है।
हमने शहर में निजी प्रतिष्ठानों और मकानों के बाहर लगी स्ट्रीट लाइटों को हटवाने के लिए सर्वे करवाने के आदेश जारी कर दिए है। जल्दी ही टीमें पूरे शहर का सर्वे कर रिपोर्ट कार्यालय में भेजेंगी। इसके बाद मापदंडों को पूरा नहीं करने वाली स्ट्रीट लाइटों को हटवाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। - गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम