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दस माह बाद टोल प्लाजा पर लिया शुल्क, किसानों ने फिर करवाया बंद

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करीब दस माह बाद टोल प्लाजा पर लिया टोल, किसानों ने धरना देकर करवाया बंद
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- करीब पांच घंटे से अधिक समय तक अचीना और मोरवाला के बीच स्थित टोल प्लाजा पर डटे रहे किसान
- बोले- सड़क का निर्माण पूरे हुए बिना ही लिया टोल, जब तक किसान आंदोलन चलेगा, नहीं लेने देंगे टोल
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत डीएसपी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे मौके पर
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी-झज्जर मुख्यमार्ग का निर्माण पूरा होने से पहले ही एजेंसी ने वीरवार को वाहन चालकों से टोल टैक्स लेना शुरू कर दिया। किसान आंदोलन के चलते बंद प्रदेश के टोल बंद है। ऐसे में करीब दस माह बाद किसी टोल प्लाजा पर टोल वसूला गया। इससे खफा समीपवर्ती गांवों के किसान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने टोल वसूली का विरोध किया। किसानों ने तर्क दिया कि सड़क अभी जर्जर है और निर्माण तक पूरा नहीं हुआ। इसके बावजूद टोल वसूल करना गाड़ी चालकों से लूट है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान आंदोलन चलेगा, तब तक इस टोल पर शुल्क वसूल नहीं करने दिया जाएगा। विरोध के बाद एजेंसी ने वाहन चालकों से टोल लेना बंद कर दिया। करीब पांच घंटे तक किसान धरने पर डटे रहे।
गौरतलब है कि दादरी-झज्जर रोड निर्माणाधीन है। पिछले करीब डेढ़ साल से सड़क का निर्माण चल रहा है। इस मार्ग पर अचीना और मोरवाला के बीच टोल प्लाजा बनाया गया है। वीरवार सुबह करीब आठ बजे एजेंसी ने यहां वाहन चालकों से टोल शुल्क लेना शुरू कर दिया। कुछ वाहन चालकों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कर्मचारियों ने टोल शुल्क वसूलना जारी रखा। इसका पता चलते ही सतगामा के मौजिज ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने टोल शुल्क वसूली बंद करवाते हुए धरना शुरू कर दिया।
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उधर मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट और डीएसपी बली सिंह समेत फोर्स को मौके पर भेजा। पुलिस अधिकारी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने धरनारत किसानों से बातचीत की और टोल से उठने का आग्रह किया। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष जगबीर घसौला ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर टोल शुल्क वसूल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क जर्जर है और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को इसके चलते परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जर्जर सड़क पर सफर करने का टोल वसूलना सरासर गलत है। सतगमा खाप से जगबीर ने बताया कि किसानों के धरना देने के बाद ही टोल शुल्क लेना बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान आंदोलन चलेगा, तब तक इस टोल पर शुल्क वसूल नहीं करने दिया जाएगा। प्रदर्शन में राजेश, अशोक, रामेश्वर, धर्मचंद तिवाला, रविंद्र कुमार, रणसिंह घिकाडा, प्रदीप कुमार, सुंदरिया, राजेश भागवी, रामकिशन, बल्ली, सूरत, राजपाल, सतबीर और कृष्ण आदि ग्रामीण शामिल हुए।
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टोल लेने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की दी चेतावनी
वीरवार को किसानों ने सुबह करीब दस से लेकर दोपहर करीब तीन बजे तक धरना दिया और टोल शुल्क बंद करने के बाद ही किसान वहां से उठकर गए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा वाहन चालकों से शुल्क वसूला गया तो फिर यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा जो लगातार जारी रहेगा।
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फोटो 23
शुल्क लेने के लिए टोल पर रुकवाए गए वाहन।
फोटो 24
टोल शुल्क के विरोध में धरना देते किसान।
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