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झमाझम बारिश में लगी फॉल्ट की झड़ी, बिजली निगम लाचार

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चरखी दादरी।
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जिले में वीरवार को हुई झमाझम बारिश में बिजली फॉल्ट की झड़ी लग गई। बारिश लगातार जारी रहने से निगम के कर्मचारी हलचल नहीं कर पाए और इसके चलते दो से लेकर आठ घंटे तक शहरी कॉलोनियों के अलावा गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, एसडीओ का कहना है कि निगम के पास बारिश के दौरान फॉल्ट ठीक करने का कोई विकल्प नहीं है। बारिश थमते ही पेट्रोलिंग टीमों ने अपना काम शुरू कर दिया और इसके तुरंत बाद फॉल्ट ठीक किए गए। वीरवार को जिले में 200 से अधिक फॉल्ट आए जिन्हें रात दस बजे तक दुरुस्त किया गया।
बारिश के मौसम में कर्मचारियों की मूवमेंट नहीं बन पाने की वजह से सप्लाई ठीक करने में घंटों लग रहे हैं। मानसून की पहली बारिश से पहले प्री-मानसून के दौरान भी ये ही स्थिति देखने को मिली थी। पानी भरने की वजह से फॉल्ट रिमूविंग टीमों का बाधित रहता है। यही वजह है कि बारिश की झड़ी में फॉल्ट आने पर ठीक करने में काफी समय लग रहा है। बारिश की झड़ी में बिजली की तारों के बीच लगे इंसुलेटर पंक्चर होने लगे हैं जिससे फॉल्ट ज्यादा मात्रा में आ रहे हैं।
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उमस भरी गर्मी में वैसे ही लोड ज्यादा बना रहता है जबकि बारिश सीजन में सप्लाई में व्यवधान रहता है। बारिश की झड़ी में केबल पर लगे इंसुलेटर पंक्चर हो जाते हैं। चीनी-मिट्टी का बना यह इंसुलेटर पंक्चर होने से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है जिससे काफी एरिया प्रभावित हो जाता है। इस फॉल्ट को ठीक करने में समय भी ज्यादा लगता है। दूसरा इंसुलेटर लगाना पड़ता है। लाइन बंद करने का परमिट लेकर ठीक करने का काम किया जाता है। रात के समय फॉल्ट आने पर तो और भी मुश्किल हो जाती है। विभाग अधिकारियों का मानना है कि बारिश के सीजन में कर्मचारियों की मूवमेंट बंद हो जाती है। जलभराव होने पर यह समस्या बनती है। यही वजह है कि आपूर्ति बहाल करने में काफी लगता है।
- मोटी केबल से कनेक्ट हैं 860 लाल ट्रांसफार्मर
शहर के अधिकतर एरिया में मोटी केबल से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब 860 छोटे लाल रंग के ट्रांसफार्मर से ये केबल कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से करीब 20 घरों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में 17 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। दो पावर सब स्टेशनों से शहर में बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस समय बिजली का लाइन लोस 22 प्रतिशत चल रहा है जबकि 20 से ज्यादा होने पर नुकसान होता है।
- 24 घंटे बिजली आपूर्ति के प्रावधान की धरातल पर नहीं होती पालना
बिजली निगम का शहर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का प्रावधान है लेकिन फॉल्टों की वजह से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। इससे नगर में पेयजल आपूर्ति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। लोग घरों में मोटर से ही पानी का उठान करते हैं। बिजली न होने पर पानी नहीं पहुंच पाता।
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वर्जन::
बारिश होने के बाद कर्मचारियों की मूवमेंट बंद हो जाती है। पानी भरने से कर्मचारी काम नहीं कर पाते। दूसरे बारिश होने पर इंसुलेटर पंक्चर हो जाते हैं। कर्मचारी शिफ्टों में 24 घंटे तैनात रहते हैं। बारिश सीजन में फॉल्ट का निगम के पास कोई विकल्प भी नहीं है।
- प्रदीप सोनी, एसडीओ बिजली निगम।
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