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एक मिनट में बैरिकेड तोड़कर लघु सचिवालय पहुंचे किसान, दो घंटे दिया धरनाएक मिनट में बैरिकेड तोड़कर लघु सचिवालय पहुंचे किसान, दो घंटे दिया धरना

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बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ते किसान। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों और जिले की खापों ने विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लघु सचिवालय के गेट के समीप लगाए गए पुलिस के बैरिकेड एक मिनट भी नहीं टिक पाए। प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर लघु सचिवालय पहुंचे और मुख्य गेट पर दो घंटे तक डेरा डाले रहे। दोपहर एक बजे किसानों ने एसडीएम विरेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन के चलते लघु सचिवालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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इससे पहले खाप फौगाट-19 की अगुवाई में जनसंगठनों की बैठक सुबह दस बजे रोज गार्डन में हुई। प्रधान बलवंत नंबरदार ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना पर विरोध जताते हुए प्रदर्शन की रूपरेखा सभी को बताई। 10:50 पर प्रदर्शनकारियों ने पैदल ही लघु सचिवालय के लिए कूच किया। करीब 11:15 पर प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्हें रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाए बैरिकेड उन्होंने एक झटके में हटा दिए। इसके बाद लघु सचिवालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप पहुंच गए। यहां किसानों ने धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केवल इस घटना, बल्कि मुख्यमंत्री के बयान की भी निंदा की। निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और खापों को एकजुटता के साथ कानूनों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की अपील की। इस प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। दोपहर एक बजे डीसी की गैर मौजूदगी में एसडीएम विरेंद्र सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उन्हें प्रतिनिधिमंडल ने मांगपत्र सौंपा। दूसरी ओर लघु सचिवालय में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।
मुख्यमंत्री पर भी दर्ज हो राष्ट्रद्रोह का मुकदमा : बलवंत
बलवंत नंबरदार ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की एक गहरी साजिश है। अजय मिश्रा पहले ही किसानों के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक भाषण देकर इस हमले की भूमिका बना चुके थे। यह संयोग नहीं कि उसी दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सार्वजनिक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को किसानों के खिलाफ लट्ठ उठाने और हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से यह साफ हो जाता है, संवैधानिक पदों पर बैठे ये व्यक्ति अपने पद का उपयोग शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अन्नदाता के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा के लिए कर रहे हैं। यह कानून, संविधान और देश के प्रति अपराध है। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पर भी राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
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रोहतक रोड हुआ वन-वे, 15 मिनट तक थमे रहे वाहनों के पहिये
प्रदर्शन की शुरुआत रोज गार्डन से की गई और प्रदर्शनकारी वाया परशुराम चौक होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन के बस स्टैंड रोड वन-वे हो गया और एक तरफ की सड़क पर ट्रैफिक के पहिये करीब 15 मिनट तक थमे रहे। किसानों के परशुराम चौक से आगे बढ़ने पर ही बस स्टैंड रोड की ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हो पाई।
इन संगठनों ने प्रदर्शन में निभाई सहभागिता
प्रदर्शन में सांगवान खाप-40, फौगाट खाप-19, श्योराण खाप से प्रधान बिजेंद्र बेरला, इमलोटा सतगामा से ओमप्रकाश कलकल, पंवार खाप से मास्टर महाबीर, चिड़िया पंचगामा से राजबीर शास्त्री, किसान नेता राजू मान, पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, नृपेंद्र मांढी, अन्नदाता किसान यूनियन से रामकुमार कादयान, कमलेश भैरवी, रणधीर कुंगड़, इनेलो नेता सत्यवान शास्त्री, सुरेश फौगाट, नितिन जांघू व जयभगवान मस्ताना आदि ने भाग लिया।

परशुराम चौक से गुजरते प्रदर्शनकारी।- फोटो : CharkhiDadri

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