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बिजली संकट : दिन के कट छीन रहे चैन, रात को लोग नहीं मूंद पा रहे नैन

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चरखी दादरी। बिजली कमी के चलते लगने वाले शेड्यूल पावर कटों से लोगों का पहले ही हाल बुरा है, जबकि अब अघोषित पावर कट उनकी मुश्किलें और बढ़ाने लगे हैं। बिजली कटों का सीधे तौर पर असर बाजार और पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। करीब 45 डिग्री तापमान के बीच 24 घंटे के अंदर लगने वाले 10 पावर कटों से लोग बेहाल हैं। गांवों, ट्यूबवेलों व ढाणियों को इस समय आठ से नौ तो शहर को 12 से 13 घंटे बिजली मिल रही है। वहीं, निगम अधिकारियों का तर्क है कि जिस फीडर पर फ्रिक्वेंसी और लोड कम रहेगा, उसे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति देकर अघोषित पावर कट की भरपाई करने का प्रयास किया जाएगा।
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पिछले एक माह से दादरी जिले के साथ पूरे प्रदेश में बिजली संकट गहराया हुआ है। इसके चलते बिजली आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ाई हुई है। आलम यह है कि शहर और गांवों को शेड्यूल से काफी कम बिजली मिल पा रही है। खपत के अनुसार बिजली न मिलने पर निगम अधिकारियों को शेड्यूल के साथ अघोषित कट लगाकर काम चलाना पड़ रहा है। शहर की अगर बात करें तो नो पावर कट यानि 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। इसके अलावा जगमग योजना से जुड़े गांवों में भी चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति करने का नियम है। इसके अलावा गांवों में 12 से 14 घंटे का शेड्यूल है। बिजली कमी के चलते पिछले एक माह से शेड्यूल मुताबिक आपूर्ति नहीं हो पा रही। सुबह और शाम को लगने वाले कट का असर सीधे तौर पर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जलघर और बुस्टिंग स्टेशनों की मोटरें न चल पाने से पानी की आगे आपूर्ति नहीं हो पा रही और गर्मी के मौसम में लोगों के कंठ सूखे हैं। वहीं, निगम अधिकारियों के पास भी पावर कट के अलावा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है और इसकी मार लोगों पर पड़ रही है।
- पिछले साल के मुकाबले अप्रैल में इस बार बढ़ी खपत
अप्रैल माह में बिजली की खपत इस बार पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। इसका कारण तापमान के साथ गर्मी में बढ़ोतरी होना भी है। हालांकि बिजली का उत्पादन इस बार कम बना हुआ है। कोयले की किल्लत के चलते बिजली इकाई बंद पड़ी हैं, जिनसे उत्पादन नहीं हो पा रहा है। सरकार बिजली की खरीद दूसरे राज्यों से करने की प्लानिंग पर गंभीरता से काम कर रही है ताकि इन अघोषित कटों से लोगों को निजात मिल सके।
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जानिए... गांवों, ढाणियों व ट्यूबवेलों में आपूर्ति का क्या है शेड्यूल -
1 - ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति शेड्यूल -
प्रथम ग्रुप - रात्रि 10 से 04 बजे तक सप्लाई
सुबह नौ से 10 बजे तक सप्लाई
शाम तीन से पांच बजे तक सप्लाई
द्वितीय ग्रुप - सुबह चार से नौ बजे तक आपूर्ति
सुबह 10 से 12 बजे तक आपूर्ति
शाम पांच से छह बजे आपूर्ति
2 - ग्रामीण क्षेत्र बिजली शेड्यूल===
शाम सात से रात्रि 12 तक सप्लाई
रात 12 से दो बजे तक पावर कट
रात दो से चार बजे तक सप्लाई
सुबह चार से छह बजे पावर कट
छह से आठ बजे तक सप्लाई
आठ से नौ बजे तक पावर कट
3 - ढाणियों के लिए ये है शेड्यूल
प्रथम ग्रुप - सुबह 4.30 से 7.30 बजे तक सप्लाई
10.30 से 12.30 बजे तक सप्लाई
शाम 7.30 से 10.30 बजे तक सप्लाई
= द्वितीय ग्रुप - दोपहर 12.30 से 3.30 बजे तक सप्लाई
शाम 7.00 से रात्रि 12 बजे तक सप्लाई
- घरों से लेकर बाजार तक दिख रहा असर
बिजली संकट का असर घरों से लेकर बाजार तक दिख रहा है। मोबाइल मार्केट एसोसिएशन प्रधान संदीप फौगाट का कहना है कि बिजली कटों के चलते कोरोबार 35 से 40 फीसदी तक प्रभावित है। वहीं, इलेक्ट्रोनिक्स शॉप संचालक दीपक बत्रा का कहना है कि बिजली कटों के चलते मार्केट बुरी तरह प्रभावित है। तय समय पर काम नहीं कर पा रहे, जिससे ग्राहक नाराज हो रहे हैं। बिजली निगम अधिकारियों को पावर कटों से छुटकारा दिलाना चाहिए।
- अब ये है निगम की योजना
निगम अधिकारियों के अनुसार शेड्यूल कट के अलावा जो अघोषित कट लगाए जा रहे हैं, उनकी भरपाई का प्रयास किया जा रहा है। अगर किसी फीडर में एक घंटे का अघोषित कट लगा है और वहां लोड कम रहता है तो एक घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति कर वहां कट की भरपाई करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे कुछ हद तक लोगों को पावर कट से निजात मिलेगी।
वर्जन::
निगम निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति कर रहा है। औचक आदेश आने पर पावर कट लगाना पड़ता है, लेकिन इन अघोषित कटों की भरपाई एक्सट्रा बिजली देकर करने का प्रयास किया जाता है। उपभोक्ताओं को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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- श्रीभगवान, कनिष्ठ अभियंता, बिजली निगम।
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