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पाबंदी के बावजूद जमकर फोड़े पटाखे, 429 एक्यूआई पहुंचा प्रदूषण का अधिकतम स्तर

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प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर ढाणी फाटक आरओबी रोड पर छाया स्मॉग। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद दिवाली पर जिले में जमकर पटाखे फोड़े गए। लोगों के लाखों रुपये के पटाखे फोड़ने से फिजाओं में जहर घुल गया। आतिशबाजी के बाद जिले की हवा जहरीली हो गई और प्रदूषण का अधिकतम स्तर 429 एक्यूआई पर पहुंच गया। प्रदूषण का यह स्तर किसी भी लिहाज से स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है और दिवाली के अगले दिन शुक्रवार शाम तक आंखों में जलन की शिकायत बनी रही। वहीं, शाम को आसमान में स्मॉग की चादर भी छाई रही।
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जिले में गत तीन नवंबर को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 293 एक्यूआई था। दिवाली के बाद शुक्रवार को यह बढ़कर 429 पहुंच गया। एक दिन में प्रदूषण का स्तर 136 एक्यूआई बढ़ गया। प्रदूषण के इस बढ़े हुए स्तर का स्वास्थ्य और वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला। बता दें कि एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद जिला उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने जिले में धारा-144 लागू करते हुए पटाखा की बिक्री और प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया था। आदेशों के पालन के लिए उपायुक्त ने बाकायदा पांच ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। दादरी के नायब तहसीलदार अंकित, झोझू के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष शर्मा, बौंद नायब तहसीलदार आशीष कुमार, सिंचाई विभाग के एसडीओ पवन सहरावत और बाढड़ा के नायब तहसीलदार शेखर नरवाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के अलावा दादरी सिटी एसएचओ वजीर सिंह, झोझू एसएचओ राजबीर, बौंद एसएचओ कप्तान सिंह, सदर एसएचओ बीर सिंह व बाढड़ा थाना एसएचओ तेलुराम को भी कमान दी गई थी।
पटाखे बेचने और बजाने पर तीन लोग गिरफ्तार
दिवाली पर वीरवार को दोपहर से ही आतिशबाजी शुरू हो गई जो देर रात करीब एक बजे तक जारी रही। दिवाली के दिन पुलिस टीमें शहर में पेट्रोलिंग तो करती नजर आईं, लेकिन पटाखे फोड़ने वालों पर इसका ज्यादा असर नजर नहीं आया। पुलिस टीमों ने पटाखे बेचने वाले और बजाने वाले तीन लोगों पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किए हैं। वहीं, पिछले साल की तुलना में तो इस बार आतिशबाजी काफी कम हुई, लेकिन प्रशासन की पाबंदी के बाद भी पटाखों की बिक्री होना सुरक्षा व्यवस्था की चूक को भी उजागर कर रहा है।
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जानिए....किस स्तर का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
प्रदूषण का स्तर - प्रभाव
50 एक्यूआई तक- बेहतर
51 से 100 एक्यूआई- संतोषजनक
151 से 200 एक्यूआई- खराब
201 से 300 एक्यूआई- बेहद खराब
301 एक्यूआई से ज्यादा- गंभीर
एक्सपर्ट व्यू : जलन महसूस होने पर ठंडे पानी से धोएं आंखें
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण के बढ़े स्तर के चलते आंखों में जलन महसूस हो रही है। लोगों को चाहिए कि बाहर से घर आते ही सबसे पहले अपनी आंखों को ठंडे पानी से धोएं। बिन चश्मा लगाए घर से बाहर न निकलें। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों व सांस के रोगियों के लिए इस समय हवा का स्तर ठीक नहीं है।
राहत : पटाखों से झुलसा कोई केस नहीं पहुंचा अस्पताल
दिवाली पर राहत की बात यह रही कि आतिशबाजी होने के बावजूद कोई इनका शिकार नहीं बना। सिविल अस्पताल में पटाखों से झुलसने का एक भी केस नहीं आया। हालांकि श्वास संबंधी रोगियों पर प्रदूषण के बढ़े स्तर का असर अगले एक-दो दिन के अंदर देखने को मिल सकता है।
- आदेशों की अवहेलना पर ये हुई कार्रवाई
केस:1-
हीरा चौक क्षेत्र के खातोड़ मोहल्ला निवासी मनोज को पुलिस ने पटाखे बेचने पर पकड़ा है। उससे ताजमहल चोरछाप कंपनी के 46 पैकेट, 3 साउंड के 6 पैकेट, बिजली बम के 30 पैकेट, 2 साउंड के दो पैकेट, बुलेट बम के 15 पैकेट, डिलक्स बिग बुलेट के 5 पैकेट, पांच डिब्बे अनार और किंग कोंग बम के दो डिब्बे बरामद हुए। आरोपी के खिलाफ एक्सप्लोजन एक्ट 1884 की धारा 9-बी और 188 के तहत केस दर्ज किया गया।
केस:2-
पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर राव का मोहल्ला से राकेश नामक शख्स को पटाखे बेचने पर काबू किया है। वह एक प्रोविजनल स्टोर के सामने बैठकर पटाखे बेच रहा था। उससे फैंसी फुलझड़ी, अनार, मिनी बुलेट, चक्री ड्रेगन बम आदि मिले। उससे आठ किलो 200 ग्राम पटाखे बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ भी एक्सप्लोजन एक्ट 1884 की धारा 9-बी और 188 के तहत केस दर्ज किया गया।
दिवाली पर पुलिस टीमें अलर्ट रहीं। पटाखे बेचने और बजाने वाले तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर पटाखों को कब्जे में लेकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पवन कुमार, पुलिस प्रवक्ता
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