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20 लाख लीटर बढ़ी पानी की दैनिक खपत, जलघरों के दो बड़े टैंक खाली

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खाली पड़ा रामनगर जलघर का टैंक। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। गर्मी धीरे धीरे प्रचंड रूप दिखा रही है और इसके चलते पिछले करीब दस दिनों से शहर में पानी की दैनिक खपत बढ़ी हुई है। शहर की दैनिक खपत 65 लाख लीटर से बढ़कर 85 लाख लीटर पहुंच चुकी है और अतिरिक्त पानी की आपूर्ति करने से जलघरों के दो बड़े टैंक खाली हो गए हैं। वहीं, मुख्य जलघर के एक टैंक को दीवार क्षतिग्रस्त होने के चलते इस बार नहीं भरा गया। इस समय विभाग के पास करीब एक सप्ताह का पानी ही है और इस समयावधि के बाद शहर में ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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गर्मी में विभाग शहर में 17 घंटे पेयजल आपूर्ति कर रहा है। पानी की खपत अब 85 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गई है, जबकि सर्दियों में 65 लाख लीटर तक थी। इस समय रात को बूस्टिंग स्टेशनों में पानी डाल रहा है और अल सुबह साढ़े तीन बजे कॉलोनियों में सप्लाई शुरू की जा रही है। जलघर में पानी आपूर्ति के पंप व मोटर 22 से 23 घंटें तक चल रही हैं और तब जाकर खपत के अनुरूप पानी का टैंकों से उठान हो पा रहा है। जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे ही पानी व बिजली की खपत भी बढ़ रही है। मई व जून में पानी की खपत और ज्यादा बढ़ जाएगी। बोरिंग ट्यूबवेल को बारी बारी से चलाना पड़ रहा है। चंपापुरी जलघर की अगर बात करें तो एक बड़ा टैंक इस बार भरा नहीं जा सका है, जबकि एक टैंक की तलहटी तक पानी पहुंच चुका है। इसी प्रकार रामनगर जलघर का एक टैंक खाली हो चुका है और दूसरे के जरिये पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
जोन वाइज होती है 21 वार्डों में पेयजल आपूर्ति
शहर में 21 वार्ड और बाजार भी हैं। विभाग ने शहर को वार्ड वाइज अलग- अलग जोन में बांट कर रखा है, ताकि पानी का प्रेशर कम न होने पाए और लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिले। वैसे विभाग एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है। आधे शहर को एक दिन कवर किया जा रहा है और आधे शहर में अगले दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। इस प्रकार विभाग की ओर से सप्लाई की प्रतिदिन की औसत 17 घंटे है।
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पेयजल स्टोरेज के लिए वाटर टैंकों की कमी
इस समय शहर के लोगों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति पानी नहीं मिल रहा है, क्योंकि विभाग के पास पेयजल स्टोरेज के लिए वाटर टैंकों की कमी है। इस संबंध में पूर्व पार्षद धर्मा देवी, पूर्व निवर्तमान पार्षद मनोज वर्मा, निवर्तमान पार्षद आनंद सिंह व महेश गुप्ता का कहना है कि शहर में तीसरे एवं नए बड़े जलघर निर्माण की जरूरत है तब जाकर शहर का पेयजल संकट खत्म हो सकता है।
तीन बड़े टैंक बनाने की योजना अब तक नहीं चढ़ी परवान
जनस्वास्थ्य विभाग की पहले दो बड़े टैंक बनाने की योजना था, लेकिन मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद इसमें फेरबदल किया गया। विभाग के संशोधित प्रपोजल के अनुसार शहर में तीन बड़े टैंक बनाए जाएंगे, ताकि पानी भंडारण क्षमता बढ़ाई जा सके। हालांकि फिलहाल टैंक निर्माण की योजना कागजों तक ही सीमित है।
नगर में तीन नए वाटर टैंक बनने हैं, जिसके बाद भंडारण क्षमता बढ़ जाएगी। जैसे ही सरकार की ओर से फाइल को मंजूरी मिलती है वैसे ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। शहर में पेयजल आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की जा रही। गर्मी सीजन में लोग पानी की एक-एक बूंद बचाएं। घरों व सार्वजनिक स्थानों पर नल की टोंटी से पानी व्यर्थ न बहे। - सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग

चंपापुरी जलघर के टैंक में तलहटी तक पहुंचा पानी।- फोटो : CharkhiDadri

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