दादरी जिले के दगड़ोली गांव निवासी दीपक पिछले चार माह से मलेशिया में फंसा हुआ है। बंधुआ मजदूर की तरह काम करने को विवश है। उसके पिता वेदप्रकाश का आरोप है कि एक एजेंट ने उसके बेटे का पासपोर्ट छीन रखा है और उससे बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जा रहा है। दीपक के परिजनों ने प्रशासन और सरकार से उनके लाल को वापस भारत लाने की गुहार लगाई है। वहीं, दादरी पुलिस ने इस संबंध में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पिता नें पुलिस को दी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में दगड़ोली निवासी वेदप्रकाश ने बताया कि 10 नवंबर 2022 को दगड़ोली निवासी मोंटू उर्फ रोहित और कादमा निवासी अंकित उनके घर आए। उन्होंने कहा कि वो मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाते हैं और दीपक को 80 हजार रुपये प्रतिमाह दिलवा सकते हैं। इसके बदले आठ लाख रुपये लगेंगे। वेदप्रकाश ने बताया कि वो उनके झासे में आ गए और उन्होंने करीब छह लाख रुपये आरोपियों को दिए। इसके बाद आठ मई 2023 को उन्होंने दीपक की मलेशिया की टिकट करवा दी और उनसे कहा कि दीपक को बड़े जहाज पर भेज रहे हैं।
5 दिन बाद ही दीपक का आया फोन: पापा मैं फंस गया
वेदप्रकाश ने बताया कि मलेशिया जाने के बाद पांच दिन बाद ही दीपक का फोन आया। उसने कहा कि पापा यहां फंस गया हूं। मुझे बंधुआ मजदूरी के लिए भेजा गया है और उसके सभी दस्तावेज व पासपोर्ट एजेंट ने छीन लिए हैं। दीपक ने अपने पिता को बताया कि एजेंट बोल रहा है कि अब तू फंस गया है और तेरे पास कोई वैध दस्तावजे नहीं हैं। दीपक ने बताया कि उसे बाद में पता चला कि उसका ट्रेवल वीजा केवल 4 दिन का ही था।
20 दिन में वापस बुलाने का दिया आश्वासन, 4 माह निकाले
वेदप्रकाश के अनुसार उसके बेटे ने उसे वापस भारत लाने की बात कही तो उन्होंने मोंटू और अंकित से संपर्क कर उन्हें सारी बातें बताई। इसके बाद उन्होंने दिन के अंदर दीपक को वापस लाने की बात कही। ऐसा करते-करते उन्होंने चार माह निकाल दिए और तंग आकर वेदप्रकाश ने इसकी शिकायत पुलिस को दी
इन 5 आरोपियों पर दर्ज हुआ केस
इस मामले की दादरी आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की और जांच रिपोर्ट के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस संबंध में दादरी पुलिस ने मोंटू उर्फ रोहित, अंकित, भूपेंद्र शर्मा, एजेंट अनुराग ठाकुर और सन्नी के खिलाफ धारा 120-बी, 370, 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया है।
अधिकारी के अनुसार
इस संबंध में एसपी कार्यालय में शिकायत दी गई थी। जांच में सामने आया कि एक कंपनी के जरिये दीपक को मलेशिया भेजा गया। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी है और उसी आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
-नरेंद्र सिंह, एसआई एवं जांच अधिकारी, आर्थिक अपराध शाखा।