चरखी दादरी। नई अनाज मंडी में आयोजित नव संकल्प रैली में पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का विरोध करने जा रहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इससे खफा वर्कर्स ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और डिप्टी सीएम के रवाना होने तक वहीं बैठ रहीं। करीब दो घंटे तक आंगनबाड़ी वर्कर्स ने वाल्मीकि नगर के आंबेडकर द्वार पर डेरा डाले रखा।
बता दें कि मांगें पूरी न होने पर आंगनबाड़ी वर्कर्स धरना दे रही हैं। रविवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आगमन के चलते धरनास्थल पर आंगनबाड़ी वर्कर्स की तादाद सामान्य दिन के मुकाबले 10 गुना बढ़ी नजर आईं। डिप्टी सीएम के मंडी में पहुंचने का पता चलते ही आंगनबाड़ी वर्कर्स ने विरोध जताने के लिए लघु सचिवालय से नई अनाज मंडी की तरफ कूच कर दी।
आंगनबाड़ी वर्कर्स वाया परशुराम व सरदार झाडू सिंह चौक होते हुए कबाड़ी मार्केट रोड पर पहुंची तो उन्हें पता चला कि पुलिस ने महेंद्रगढ़ चुंगी पर बैरिकेड्स लगाने शुरू कर दिए हैं और उन्हें उससे आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी वर्कर्स ने अपना रूट बदल लिया और उन्होंने वाल्मीकि नगर होते हुए नई अनाज मंडी पहुंचने की रणनीति बताई। पुलिस को ज्यों ही इस बात का पता चला तो आंबेडकर द्वार पर बैरिकेड्स लगा दिए। वहां आंगनबाड़ी वर्कर्स को पुलिस बल ने रोक लिया और इससे खफा वर्कर्स ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। उन्होंने प्रशासन पर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया और बैरिकेड्स के समीप ही धरना शुरू कर दिया। डिप्टी सीएम के जाने के बाद ही पुलिस ने बैरिकेड्स हटाए और आंगनबाड़ी वर्कर्स वहां से वापस लौट गईं।
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत 100 पुलिसकर्मी रहे तैनात
आंगनबाड़ी वर्कर्स को नई अनाज मंडी की तरफ जाने से रोकने के लिए करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। खास बात ये रही कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक रही। दूसरी ओर पुलिसकर्मियों के मुकाबले आंगनबाड़ी वर्कर्स की तादाद करीब तीन गुना ज्यादा रही और इसके बावजूद वो पुलिस के सुरक्षा चक्र को भेदने में सफल नहीं हो पाईं। प्रशासन ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के प्रदर्शन के मद्देनजर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रखा।