चरखी दादरी। क्षेत्र में बुधवार को पांच एमएम बारिश हुई। बारिश के साथ हवाओं का दबाव भी बना रहा। बारिश से रबी की फसलों को खासा फायदा पहुंचने की उम्मीद है। दूसरी ओर बारिश के चलते जिले में 200 से अधिक फॉल्ट आए और इसके चलते सेवाएं चरमराई रही। हालांकि सूचना मिलते ही बिजली निगम की टीमें मौके पर फॉल्ट ठीक करने पहुंची। दिन का अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया।
बुधवार सुबह ही आसमान में बादल छा गए। 10.30 बजे से बारिश की झड़ी शुरू हो गई। रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के साथ हवा का दबाव भी बना रहा, जिससे मौसम में थोड़ी ठंडक बढ़ गई। वहीं, इससे पहले 28 नवंबर को बारिश हुई थी जबकि एक जनवरी से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बना रहा है। अब बारिश होने पर एक ओर जहां वातावरण में बदलाव आएगा तो वहीं, सर्दी भी सूखी नहीं पड़ेगी। प्रदूषण के स्तर में भी एक दिन की पांच एमएम बारिश से सुधार आएगा। एक माह से कोहरा व प्रदूषण के मिश्रण से वातावरण प्रदूषित बना हुआ था।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से रबी की सभी प्रकार की फसलों को फायदा पहुंचेगा। बारिश की फसलों के लिए सख्त जरूरत थी। फसली पौधों में छोटे स्तर के रोग भी खत्म हो जाएंगे। बारिश के पानी में पौधों के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिससे अब इन पोषक तत्वों की कमी भी दूर हो जाएगी और फसलों का विकास एवं वृद्धि ठीक प्रकार से हो सकेगी। सरसों की फसल में तो अब फलियां आ गई हैं। अगले कुछ दिन में दाने का पकाव शुरू हो जाएगा। गेहूं के लिए भी बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। सब्जी की फसलों में भी फायदा पहुंचेगा। जिला में सरसों का रकबा एक लाख 60 हजार एकड़ है।
इन कॉलोनियों में बनी रही बिजली आपूर्ति की समस्या
बुधवार को बारिश की झड़ी से शहर की कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। फॉल्ट ठीक होने तक घिकाड़ा रोड, विश्वकर्मा कॉलोनी, हरिनगर, शिव स्कूल के पिछली तरफ, बस स्टैंड रोड, पूर्ण मार्केट, रोज गार्डन क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
11 एक्यूआई घटा प्रदूषण का अधिकतम स्तर
बुधवार को हुई बारिश से प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। मंगलवार की बात करें तो प्रदूषण का अधिकतम स्तर 132 और न्यूनतम स्तर 70 एक्यूआई दर्ज किया गया था। बुधवार को बारिश होने से प्रदूषण का अधिकतम स्तर 120 व न्यूनतम 45 एक्यूआई दर्ज किया गया। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 12 और न्यूनतम 25 एक्यूआई कम हुआ है।
बारिश से सभी प्रकार की फसलों को फायदा हुआ है। अब फसलों का तेजी से विकास हो सकेगा। छोटे स्तर के रोग भी खत्म हो जाएंगे। एक सिंचाई की भी बचत हो गई है।
डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ