बाढड़ा थाना पुलिस ने चांदवास निवासी सैनिक पर मामला दर्ज किया है। सिक्योरिटी अमाउंट के तौर पर छह लाख की राशि ली गई थी। पूरी राशि देने के बाद समय-समय पर वो दिनेश से लिखित परीक्षा और फिजिकल के बारे में पूछते रहे।
चरखी दादरी में बेटे को सेना में लगवाने के नाम पर हंसावास कलां निवासी एक व्यक्ति से 6 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शिकायकर्ता ने इसका आरोपी चांदवास निवासी सैनिक दिनेश पर लगाया है। बाढड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दीशिकायत में रणधीर ने बताया कि उसके दो लड़के कुलदीप व प्रदीप है। बड़ा लड़का कुलदीप कलकत्ता के कैंसर अस्पताल में नौकरी करता है जबकि छोटा बेटा प्रदीप 12वीं पास है। रणधीर के अनुसार उनकी पड़ोसी गांव निवासी दिनेश से जान पहचान है। दिनेश सेना में जवान है। रणधीर के अनुसार दिनेश उसके बेटे प्रदीप को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करता था। वो कहता था कि उसकी उच्च अधिकारियों से जान-पहचान है और वो प्रदीप को भर्ती करवा देगा।
इसके बाद प्रदीप ने सेना भर्ती के लिए आवेदन कर दिया और दिनेश ने उसके दस्तावेज के साथ 6 लाख रुपये सिक्योरिटर अमाउंट के तौर पर मांगे। उस दौरान दिनेश ने कहा कि प्रदीप के सेना में भर्ती होने के एक माह बाद ये राशि वापस कर देगा और अगर प्रदीप भर्ती नहीं हुआ तो भी ये राशि वापस मिल जाएगी।
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यूं दी 6 लाख की रकम
रणधीर के अनुसार 22 अगस्त 2022 को उसने बैंक के जरिये एक लाख रुपये जमा करवाए। इसके बाद उसके बेटे कुलदीप ने 50,000 रुपये की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की। इसके बाद 23 अगस्त 2022 को एक लाख रुपये और इसके बाद कुलदीप ने 50-50 हजार की दो ट्रांजेक्शन के जरिये एक लाख की राशि दिनेश को दी। 24 अगस्त 2022 को भी उन्होंने एक लाख रुपये आरोपी के दिए खाता नंबर में जमा करवाए। इसके बाद कुलदीप ने 50 हजार की ट्रांजेक्षन फिर की। 26 अगस्त 2022 को उन्होंने एक लाख रुपये फिर दिए और इस प्रकार उन्होंने दिनेश को 6 लाख रुपये दिए।
लिखित परीक्षा और फिजिकल के लिए देता रहा समय
रणधीर ने बताया कि पूरी राशि देने के बाद समय-समय पर वो दिनेश से लिखित परीक्षा और फिजिकल के बारे में पूछते रहे। हर बार वो उन्हें कुछ समय और लगने की बात कहकर टरकाता रहा। इसके चलते उसे धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ।
14 दिन में रुपये लौटाने की बात कहकर मुकरा
रणधीर ने बताया कि जब उसे पता लगा कि दिनेश छुट्टी लेकर आया हुआ है तो वो गांव के मौजिज लोगों को लेकर 14 जुलाई 2023 को उसके घर पहुंचा। वहां दिनेश ने तीन लाख रुपये 7 दिन में और इसके बाद तीन लाख रुपये अगले 7 दिन में लौटाने की बात कही। इसके बाद वो अपनी बात से मुकर गया।