चरखी दादरी। लंबे इंतजार के बाद पीडब्ल्यूडी ने रावलधी-भिवानी लिंक रोड का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। शनिवार से एजेंसी की टीम ने सड़क की खुदाई शुरू कर दी है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर आठ करोड़ 74 लाख रुपये खर्च आएगा और नौ माह के बाद वाहन इस मार्ग पर फर्राटा भरते नजर आएंगे। लिंक रोड का निर्माण होने से प्रतिदिन करीब दस हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी, जिनमें 60 फीसदी भारी वाहन चालक है। दूसरी ओर शहर की अंदरूनी सड़कों से भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पिछले दो साल से जर्जर है। पूरी सड़क से तारकोल की परत ही गायब है और गहरे गड्ढे बने हुए हैं। करीब दो साल पहले पीडब्ल्यूडी ने इसके निर्माण का प्रपोजल तैयार किया था। पहले करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया था, उसे जब स्वीकृति मिली तो लागत राशि काफी अधिक हो गई। इसके कारण पीडब्ल्यूडी ने आठ करोड़ 74 लाख रुपये का दोबारा प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा था और स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। एजेंसी ने वर्क ऑर्डर के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है।
बाईपास का निर्माण पूरा करने के लिए एजेंसी को नौ माह का समय दिया गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का दावा है कि इस समय अवधि में लिंक रोड का निर्माण पूरा करवा दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सीसी की सड़क बनाई जाएगी, जबकि पहले यह तारकोल की थी।
शहर की सड़कों से यूं कम होगा ट्रैफिक का दबाव
बाईपास निर्माण के बाद रोहतक और दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को भिवानी, बाढड़ा और लोहारू जाने के लिए शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे लिंक मार्ग के जरिये सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगे। फिलहाल बाईपास जर्जर होने के चलते इन वाहन चालकों को शहर के बीचोंबीच से गुजरना पड़ रहा है और इसके चलते ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा हुआ है।
कॉलेज रोड पर शाम के समय लगने वाले जाम से मिलेगी राहत
शहर के कॉलेज रोड से ही इस समय निर्माण सामग्री से भरे करीब पांच हजार से अधिक डंपर गुजर रहे हैं। इसके चलते यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। बाईपास निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ये डंपर वहीं से गुजरेंगे और कॉलेज रोड से ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा।
वर्जन::
रावलधी-भिवानी लिंक रोड का निर्माण कार्य हमने शुरू करवा दिया है। नौ माह के अंदर कार्य पूरा होगा और इस पर करीब आठ करोड़ 74 लाख रुपये लागत आएगी।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी