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84 घंटों से शहर की हवा खतरनाक, छाई स्मॉग की चादर, एक्यूआई 383

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फोटो 01 शहर पर आसमान में छाया स्मॉग । - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। शहर की हवा विषैली हो चुकी है। इस पटाखों को जहरीला धुआं कहे या पराली से खराब हुई हवा, लेकिन पिछले 84 घंटों से शहर का एक्यूआई 370 से 429 के बीच है। रविवार को एक्यूआई 383 रहा और जिले में पूरा दिन स्मॉग की चादर छाई रही। इसका असर लोगों की सेहत पर दिखने भी लगा है और काफी लोगों को गला खराब, खांसी, सांस लेने में तकलीफ के साथ-साथ छाती में दर्द, सीने में जलन की शिकायत हो रही है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल में ओपीडी बढ़ी है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण, फिर डेंगू से लोग उबरे भी नहीं थे कि अचानक जहरीली हवा लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। अचानक बढ़े प्रदूषण के स्तर के कारण जहरीली हुई हवा से अधिकतर लोग पीड़ित है। ज्यादातर को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराब की शिकायत है तो छाती में दर्द के भी काफी लोग सामने आ रहे है।
प्रदूषण का स्तर स्थिति स्वास्थ्य पर प्रभाव
0-50 एक्यूआई अच्छा न्यूनतम प्रभाव
51-100 एक्यूआई संतोषजनक संवेदनशील लोगों को सांस लेने में थोड़ी तकलीफ
101-200 एक्यूआई मध्यम फेफड़े, दमा, हृदय रोगियों को सांस लेने में तकलीफ
201-300 एक्यूआई खराब सामान्य को भी सांस लेने में तकलीफ, ज्यादा समय तक रहने पर सांस की बीमारी का खतरा
301-400 एक्यूआई बहुत खराब सामान्य भी सांस के मरीज, सभी को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में तकलीफ, सांस लेने, बोलने में परेशानी
401-500 एक्यूआई गंभीर सामान्य के लिए भी जानलेवा और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ सकती है।
यूं करें बचाव
- मुंह पर मास्क लगाए
- आंखों को बार-बार ठंडे से पानी से धोते रहे
- गर्म पानी पीये
- जहां तक संभव हो घर से बाहर न निकले
- सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फलों का सेवन करें
- साधारण पानी को गर्म कर भांप लें
- हल्दी का दूध, शहर का सेवन भी लाभकारी है।
प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक है और सांस के माध्यम से यह खतरनाक रसायन हमारे शरीर में प्रवेश कर रहे है। जिससे सांस की प्रणाली डैमेज हो रही है और अन्य अंग भी प्रभावित हो रहे है। ऐसे में सावधानी बहुत जरूरी है। ओपीडी भी पिछले दो-तीन दिन में 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है। - डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
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