बाढड़ा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को बाढड़ा तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम सुरेश दलाल बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट टीम के साथ रहे। तहसील कार्यालय में राजस्व रिकाॅर्ड की जांच करने पर टीम को कई खामियां मिलीं।
टीम ने राजस्व कार्यालय से एक अप्रैल 2023 से 28 नवंबर तक के इंतकाल रिकाॅर्ड की जांच की तो 1498 रजिस्ट्री होने के बाद भी 162 इंतकाल बकाया मिले। विरासती व भूमि की खरीद फरोख्त संबंधित 2465 इंतकाल पंजीकृत पाए गए।
वहीं, टीम सदस्यों ने जमीनी इंतकाल, भूमि के रिकॉर्ड के अलावा भू-मालिकों से लिए जा रहे सरकारी शुल्क को लेकर आमजन से पूछताछ भी की। सरल केंद्र पहुंचकर टीम ने सरकारी कोष में जाने वाली राशि का रिकॉर्ड भी खंगाला। तत्पश्चात टीम सदस्यों ने सरल केंद्र में भूमि रिकाॅर्ड के दस्तावेज लेने वाले किसानों से लिए जाने वाले शुल्क की भी जांच की जिसमें कोई शिकायत नहीं मिली। टीम को कई केसों के निपटान में लापरवाही मिली जिनकी रिपोर्ट तैयार की गई है।
बता दें कि निरीक्षक अनूप कुमार की अगुवाई में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता मंगलवार सुबह तहसील कार्यालय पहुंचा। इस दौरान एएसआई नरेंद्र कुमार, गुप्तचर शाखा से जेपी सांगवान, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, चंद्रपाल सिंह भी टीम का हिस्सा रहे। टीम सदस्यों ने जमीनी रजिस्ट्री व इंतकाल के रिकाॅर्ड की समीक्षा की। पिछले माह में हुए आर्थिक लेन-देन का मिलान किया गया।
- तकसीम के 116 मामले मिले लंबित
टीम की जांच के दौरान सामने आया कि पिछले दस दिनों में 195 इंतकाल केस आए हैं। इनमें से 102 इंतकाल राजस्व व 93 इंतकाल चकबंदी वाले गांवों के हैं। टीम ने इसी विभाग के खिलाफ सीएम विंडो में की गई शिकायतों में से 7 शिकायतें लंबित मिली जिनके निपटाने के लिए अभी समय सीमा शेष बची है। इसके अलावा मौजूदा वर्ष के तकसीम के मामलों में तीन का निपटारा किया गया मिला और 116 लंबित मिली हैं।
- तहसील न्यायालय में भूमि संबंधी 95 केस दायर
तहसीलदार न्यायालय में भूमि संबंधी 95 केस दायर किए गए हैं जिनमें 90 बकाया सूची में पाए गए। कार्यालय में तहसीलदार छुट्टी पर थे। वहीं, नायब तहसीलदार अमरनाथ तैनात मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को कानूनगो, पटवारियों की मदद से सारा रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाया।