मैहड़ा में बिरहीकलां रोड पर आग से जली गेहूं की फसल।
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चरखी दादरी के झोझूकलां क्षेत्र के गांव मैहड़ा के बिरहीकलां रोड स्थित चार किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इससे गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई और किसानों को काफी नुकसान हुआ। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
वजीर, जितेंद्र, नंदराम, रामअवतार आदि किसानों के खेत बिरहीकलां रोड पर हैं। रबी सीजन में उन्होंने अपने खेतों में गेहूं की बिजाई की थी। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण फसल में नमी थी। इसी कारण उसे सूखने के लिए छोड़ा गया था। अब फसल कटने के लिए तैयार होते ही रविवार को 12:40 बजे खेत में आग लग गई। इसमें चारों की लगभग 15 एकड़ खेत में तैयार गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
किसी ग्रामीण ने उन्हें आग लगने की सूचना दी। इसके बाद वे खेत पर पहुंचे और उन्होंने फोन कर दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। इसी दौरान कुछ किसानों ने ट्रैक्टर चलाकर खेत को जोत कर आग को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। बाद में दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया। घटना का कारण पता नहीं चल सका।
बिजली तारों से चिंगारी गिरने का अंदेशा
किसानों ने बताया कि खेतों के ऊपर से बिजली की लाइन गुजर रही है। अंदेशा है कि बिजली के तारों से निकली चिंगारी से आग लगी है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं भारतीय किसान यूनियन की युवा इकाई के जिला अध्यक्ष विनय उर्फ सीटू मैहड़ा ने बताया कि इस घटना में 15 एकड़ से अधिक खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जली है। उन्होंने पीड़ित किसानों को प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की है।