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बिना फिल्टर किए जलघर से हो रही पानी की आपूर्ति, ग्रामीणों ने नारेबाजी कर जताया रोष

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बिना फिल्टर किए हो रही जल आपूर्ति, ग्रामीणों ने की नारेबाजी
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जलघर की होद और कुआं हो चुका जर्जर, छह माह से झेल रहे पेयजल संकट
ग्रामीणों का आरोप: सप्लाई में आने वाले पानी को किसी काम में नहीं कर सकते इस्तेमाल
चरखी दादरी। गांव अचीना स्थित जलघर से फिल्टर किए बिना ही घरों में नहरी पानी की आपूर्ति की जा रही है। छह महीने से यह सिलसिला जारी है। इससे खफा ग्रामीणों ने मंगलवार को जलघर पर पहुंचकर जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि फिल्टर मीडिया समेत टैंक जर्जर होने के कारण जलघर में पानी उपचारित नहीं हो पा रहा। उन्होंने विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है।
गांव अचीना में बने जलघर के टैंक जर्जर व सप्लाई से पहले पानी फिल्टर नहीं होने के कारण ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग उपचारित किए बिना ही पिछले छह माह से पानी घरों में सप्लाई कर रहा है। इस पानी को वे पीने या रसोईघर में इस्तेमाल नहीं कर सकते, जिसके चलते घरों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। उनका कहना है कि पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए वे दूर-दराज से पानी लाने को विवश हैं। ग्रामीण नीरज, सचिन, सतमंडल, रविंद्र, नवीन, पवन, संदीप, कुलदीप, प्रदीप, जगदीश, नफेसिंह, रामअवतार, विजयपाल, सतीश, राजेश, राजपाल, महेंद्र, विनोद, सुखबीर, रायसिंह, विकास, सतेंद्र व राजकपूर ने बताया कि जलघर की होद और कुआं जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों के इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। लोगों ने बताया कि मानसून की बारिश के बाद तो सप्लाई में आने वाले पानी की गुणवत्ता और खराब हुई है और अब सप्लाई में आने वाले पानी को घरेलू काम में भी इस्तेमाल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे। संवाद
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ग्रामीण बोले : सप्लाई में आने वाले पानी के सेवन से बीमारियों का खतरा
गांव में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है वह बिल्कुल खारा है। इस पानी के सेवन से लोगों में बीमार होने का खतरा है। कई माह से हम पेयजल संकट झेल रहे हैं और विभाग मूकदर्शक बना है। - सचिन, ग्रामीण
जलघर की होद जर्जर हो गई है और सप्लाई में आने वाला पानी वो पीने में प्रयोग नहीं कर सकते। पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्र की खाक छाननी पड़ रही है। - सत्यमंडल, ग्रामीण
जलघर के टैंक जर्जर हो चुके हैं और सप्लाई से पहले पानी उपचारित भी नहीं किया जा रहा। गांव में पिछले छह माह से पेयजल संकट गहराया है और विभाग समस्या का समाधान नहीं कर रहा। - निरंजन, ग्रामीण
सप्लाई में जो पानी आता है उसे ग्रामीण पीने या रसोई के काम में इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह समस्या पिछले कई माह से बनी है और शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने समाधान नहीं किया है। - रविंद्र, ग्रामीण
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वर्जन::
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो एक-दो दिन में निरीक्षण कर मौजूदा स्थिति का जायजा लिया जाएगा और उसके बाद समाधान की कवायद हम शुरू कर देंगे। - जगदीशचंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग, एसडीओ
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