झोझूकलां की ड्रोन से ली गई तस्वीर।
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चरखी दादरी/ झोझूकलां। 15 हजार की आबादी के गांव झोझू कलां में दलबीर सिंह गांधी ने 20 साल गांव की चौधर की है। इस गांव में 20 वार्ड हैं और इस बार सरपंच पद के लिए चार उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। नए सरपंच के लिए पेयजल व कचरा निस्तारण चुनावी मुद्दे हैं। बड़ा गांव होने की वजह से कचरा निस्तारण की विकट समस्या है। इस समय एक व्यक्ति ने गांव से कचरा उठान के लिए ट्रैक्टर लगाया हुआ है।
झोझूकलां जिले के बड़े गांवों में शुमार है। यहां 6873 मतदाता हैं जिनमें 3608 पुरुष और 3265 महिला मतदाता हैं। झोझू कलां में अब तक एक ही बार महिला सरपंच चुनी गई है। इसके अलावा कप्तान भगवान सिंह ने तीन बार सरपंची की है। इसी प्रकार दलबीर सिंह गांधी चार बार गांव के सरपंच रहे हैं। दो बार तो वे लगातार सरपंच रहे। इसी प्रकार विंद्रावन भी गांव के सरपंच रह चुके हैं। मेजर मीर सिंह ने भी एक योजना गांव की चौधर की है। मेजर संतलाल निर्विरोध गांव के सरपंच चुने गए थे। एससी वर्ग से मेहरचंद सरपंच बने थे। उनके बाद महिला लक्ष्मी गांव की सरपंच बनी। राजेश सांगवान ने भी गांव की चौधर की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पेयजल की समस्या है। बोरिंग ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय पड़ोस के गांव में नया जलघर बन रहा है उससे पानी की सप्लाई मिलने की उम्मीद है। इस क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर करीब 300 फुट नीचे तक है। ग्रामीणों के अनुसार ज्यादा आबादी का गांव होने की वजह से कचरा निस्तारण की भी समस्या है। समाज सेवा के रूप में एक व्यक्ति ने ट्रैक्टर की व्यवस्था की हुई है। ट्रैक्टर से प्रतिदिन कचरे का उठान किया जाता है।
निवर्तमान सरपंच बोले: गांव में नहीं कोई गुटबाजी
गांव के पूर्व सरपंच दलबीर सिंह गांधी का कहना है कि लोगों में किसी प्रकार की कोई गुटबाजी नहीं है। चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होते हैं। गांव सांगवान गोत्र बाहुल्य है। सांगवान के अलावा गांव में ढलान, ढिल्लो, पूनिया, कलकल व डागर गोत्र के लोग भी रहते हैं। सांगवान खाप ने झोझू कलां को कन्नी खाप-पांच का दर्जा दे रखा है। कन्नी खाप का अलग से प्रधान भी बना रखा है।