गोबिंद के अनुसार ट्राला रोड पर ही खड़ा था जबकि इसकी पार्किंग लाइट नहीं जल रही थी। इतना ही नहीं ट्राला चालक ने पीछे रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाया हुआ था और उसकी लापरवाही से हुए हादसे में सुधीर की जान गई।
चरखी दादरी में नेशनल हाईवे-152 डी पर रामनगर के समीप एक कैंटर खड़े ट्राला से टकरा गई। हादसे में महेंद्रगढ़ जिला के कपूरी गांव निवासी कैंटर चालक सुधीर 26 की मौत हो गई। चरखी दादरी जिले की चिड़िया चौकी पुलिस ने वीरवार को मृतक का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और उसके छोटे भाई के बयान पर ट्राला चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दिए बयान में कनीना के समीप स्थित कपूरी निवासी गोबिंद ने बताया कि वो दो भाई थे, जिनमें सुधीर बड़ा था। उसने बताया कि सुधीर कैंटर लेकर बुधवार को जींद जिला के सफीदो माल उतारने गया था। देर शाम वो वापस अपने गांव आने के लिए सफीदो से चला था। गोबिंद ने बताया उसका भाई नेशनल हाईवे 152 डी से महेंद्रगढ़ लौट रहा था।
रात दो बजे जब वो चरखी दादरी जिला के रामनगर गांव के समीप पहुंचा तो सड़क पर खड़े ट्राला से सुधीर की कैंटर टकरा गई। गोबिंद के अनुसार ट्राला रोड पर ही खड़ा था जबकि इसकी पार्किंग लाइट नहीं जल रही थी। इतना ही नहीं ट्राला चालक ने पीछे रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाया हुआ था और उसकी लापरवाही से हुए हादसे में सुधीर की जान गई। वहीं, देर रात ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सुधीर के शव को कब्जे में ले लिया और वीरवार सुबह सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनाें को सौंप दिया।
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अधिकारी के अनुसार
सुधीर कैंटर में सवार था और कैंटर सड़क पर खड़े एक अन्य वाहन से टकरा गई। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंपकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। -राहुल, जांच अधिकारी एवं हेड कांस्टेबल, चिड़िया पुलिस चौकी।