चरखी दादरी। सरकार की ओर से खेती में जोखिमों को कम करने व खेती को जहर मुक्त बनाने के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार की अनुदान योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अब स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले ऐसे किसान जिसके पास 2 से 5 एकड़ भूमि है, उनको देसी गाय की खरीद पर अधिकतम 25 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। उपायुक्त प्रीति ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाले जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम निशुल्क दिए जाएंगे। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रदेश में 50 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाकर किसानों का प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाजार में बढ़ रही मांग के मद्देनजर किसानों द्वारा अधिक उपज प्राप्त करने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कार्बनिक कार्बन में जबरदस्त कमी आई है। मिट्टी तथा फसल उपज में हानिकारक रसायनों में वृद्धि हुई है। इन हानिकारक रसायनों के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे कि किसानों की आमदनी को दोगुना तथा खेती को जहर मुक्त बनाया जा सके।
जानकारी के लिए यहां करे संपर्क
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए यह योजना शुरू की है। योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते है।