चरखी दादरी। जिले में 1.96 लाख पशुधन है, लेकिन इसके बाद भी यहां पशु पॉली क्लीनिक नहीं है। प्रदेश सरकर दादरी जिले में पशु पॉली क्लीनिक खोलने के लिए इंकार कर चुकी है, जबकि पशुपालन विभाग का मानना है कि जिले को इसकी दरकार है। जरूरत को देखते हुए पशुपालन विभाग ने हाल ही में इस संबंध में डीसी व डीडीओ को पत्र लिखा है, जिसके जरिये पशु पॉली क्लीनिक की कमी दूर करवाने की मांग की गई है।
पॉली क्लीनिक निर्माण के लिए कम से कम तीन एकड़ जमीन चाहिए। विभाग को शहर व साथ लगते गांवों में जमीन की जरूरत है। पॉली क्लीनिक खुलने पर पशुओं की सर्जरी की सुविधा व बच्चेदानी का इलाज शहर में ही हो सकेगा। पशु पॉली क्लीनिक में पांच विशेषज्ञों की टीम तैनात होती है। जिले में इस समय सभी कैटेगरी में 1.96 लाख पशु हैं।
चरखी दादरी जिला पशुपालन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। जिले की देशी गाय राज्य स्तरीय दुग्ध एवं सौंदर्य प्रतियोगिता में प्रदेश में नाम रोशन कर चुकी हैं। समय-समय पर होने वाली दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी जिले के पशुपालक सक्रियता से भाग लेते रहे हैं और समय- समय पर उम्दा प्रदर्शन रहा है।
जिले के पशु अस्पतालों में लंबे समय से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बनी रही है। पशु विशेषज्ञों की तैनाती की जरूरत है। गांवों में 55 डिस्पेंसरी जरूर हैं लेकिन इनमें छोटे-मोटे रोगों के उपचार की ही सुविधा है। गंभीर मामला आने पर हिसार में लुवास विश्वविद्यालय ले जाना पड़ता है। इससे पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन डिस्पेंसरी में वीएलडीए चिकित्सक तैनात होते हैं।
- सरकार ने गत वर्ष किया था इंकार, विभाग मान रहा जरूरी
पिछले साल सरकार ने पंचकूला व चरखी दादरी में पॉली क्लीनिक खोलने से इंकार कर दिया था जबकि अन्य सभी जिलों में पॉली क्लीनिक सुविधा है। अब स्थानीय पशुपालन विभाग ने चरखी दादरी में भी पॉली क्लीनिक की जरूरत समझते हुए डीसी व डीडीओ को पत्र लिखा है, लेकिन इसके लिए जगह का पेंच फंस गया है। शहर व आसपास के भागों में जगह नहीं मिलने की वजह से कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है।
- ये सुविधाएं होती हैं पॉली क्लीनिक में
पॉली क्लीनिक खुलने से सर्जरी का स्पेशल चिकित्सक तैनात हो सकेगा। इतना ही नहीं बच्चादानी का विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात होगा। पूरी लैब की सुविधा मिल सकेगी। मेडिसिन का विशेषज्ञ चिकित्सक अलग से तैनात होगा। इस प्रकार पांच विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों के अन्य कई पद सृजित हो सकेंगे।