रैली के समापन पर परशुराम चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते युवा।
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चरखी दादरी। पिछले तीन साल से सेना की खुली भर्ती न होने से खफा अचीना के युवाओं ने रविवार को गांव से जिला मुख्यालय तक रोष प्रदर्शन किया। दादरी के परशुराम चौक पर पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद वापस गांव लौट गए। करीब 15 किलोमीटर दूरी तक निकाली गई रैली में शामिल कुछ युवकों दौड़ लगाकर तो कुछ बाइकों पर सवार होकर परशुराम चौक तक पहुंचे।
रोष प्रदर्शन की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई और 9 बजकर 50 मिनट पर इसमें शामिल युवा परशुराम चौक तक पहुुंचे। रैली में शामिल युवाओं ने बताया कि आखिरी खुली भर्ती वर्ष 2018 में हुई थी। उसके बाद कोराना के कारण खुली भर्ती का आयोजन नहीं किया गया। लेकिन अब स्थिति सामान्य होने पर भी युवाओं के लिए सेना की खुली भर्ती आयोजित नहीं की जा रही। भर्ती के इंतजार में युवा ओवरएज हो रहे हैं। उनका सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना धूमिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की परेशानियों को देखते हुए जल्द से जल्द सेना की खुली भर्ती आयोजित की जानी चाहिए।
युवा बोले: रोजगार की टेंशन के साथ ओवरएज होने का डर
पिछले तीन साल से भर्ती निकलने का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन अब तक इंतजार खत्म नहीं हुआ है। जल्द भर्ती नहीं निकली तो अन्य साथियों की तरह में भी ओवरएज हो जाऊंगा और इसके बाद सेना भर्ती का सपना टूट जाएगा।
-सम्राट, युवा
कोरोना के कारण भर्ती न करवाने के फैसला तो सही है, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है और इसके बाद भी सेना भर्ती न करना गलत है। युवा भर्ती के इंतजार में लगातार ओवरएज हो रहे हैं, लेकिन भर्ती आयोजित नहीं की जा रही।
- गौरव, युवा
बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देखा है और इसके लिए लगातार तैयारी भी कर रहा हूं। तीन साल से भर्ती नहीं हुई है जिसके चलते सेना ज्वाइन करने का सपना धूमिल होता जा रहा है। रोजगार की चिंता अलग से बनी हुई है।
-आशु, युवा
पिछले तीन साल से यह सोचकर मेहनत कर रहे है कि जल्द भर्ती हो जाएगी, लेकिन इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। सेना भर्ती का अभ्यास कर रहे कई युवा ओवरएज हो रहे हैं और जो बचे हैं वो भी जल्द हो जाएंगे।
-मनीष, युवा