बाल संरक्षण अधिकारों को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद एडीसी और अन्य अधिकारी।
चरखी दादरी। बच्चों को नशा, जुआ, धूम्रपान, हुक्का, बीड़ी आदि की लत लगने से बचाना चाहिए। माता-पिता यह ध्यान रखें कि उनका बेटा किसी गलत संगत का शिकार तो नहीं हो रहा है। लघु सचिवालय सभागार में सोमवार को बाल संरक्षण अधिकारों को लेकर आयोजित बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने ये शब्द कहे।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के आसपास 150 मीटर की दूरी में कोई भी ऐसी दुकान नहीं होनी चाहिए, जिस पर शराब की बिक्री होती हो। इसी प्रकार स्कूल, कॉलेज के समीप सौ मीटर के दायरे में इस प्रकार की कोई दुकान न हो, जहां बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि की बिक्री हो रही हो। जिला शिक्षा अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि शराब का ठेका स्कूल से दूर होना चाहिए।
नगराधीश रेणुका नांदल ने बैठक में कहा कि पुलिस के पास बच्चों के उत्पीड़न का कोई मामला सामने आता है तो इसकी सूचना बाल विकास अधिकारी को भी दी जाए। आबकारी एवं कराधान आयुक्त अनिल कुमार ने बैठक में बताया कि दादरी जिले में शराब की दुकानें धार्मिक एवं शिक्षण संस्थाओं से दूर स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत शराब की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी नाबालिग बच्चे को एल्कोहल पेय पदार्थ नहीं दिए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट ने बताया कि विद्यालयों के आसपास कोई भी दुकान नशीले पदार्थों की बेचती पाई जाती है तो उसको तुरंत बंद करवा दिया जाता है। इसके अलावा नशे के खिलाफ स्कूलों में जनचेतना के समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश राठौर, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण, नगरपरिषद अभियंता मुकेश कुमार व संजय आदि उपस्थित रहे।
- 71 परिवारों के 97 बच्चों का हुआ सर्वे, कोई नहीं मिला नशा करते
बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने बताया कि जिले में 71 परिवारों का एक सर्वेक्षण किया गया था, जिनमें 97 बच्चे थे। इनमें से कोई बच्चा नशा करता नहीं पाया गया। इस मौके पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह स्वयं स्कूलों में जाकर बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताते हैं और उनके अभिभावकों को भी इस बुराई से बचने की अपील करते हैं।